Dengue symptoms : मानसून के मौसम में बुखार, सर्दी-जुकाम और शरीर में दर्द की शिकायत आम हो जाती है। लेकिन इसी दौरान डेंगू और मलेरिया का खतरा भी बढ़ जाता है। परेशानी यह है कि इन बीमारियों के शुरुआती लक्षण कई बार एक-दूसरे से मिलते-जुलते हैं। इसलिए केवल लक्षण देखकर बीमारी की पुष्टि करना सही नहीं है। मलेरिया के शुरुआती लक्षणों में बुखार, सिरदर्द और ठंड लगना शामिल हैं और WHO भी संदिग्ध मामलों में जल्द जांच की सलाह देता है।
डेंगू में कौन से लक्षण दिखते हैं?
डेंगू में अक्सर अचानक तेज बुखार, तेज सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द तथा काफी कमजोरी महसूस हो सकती है। कुछ मरीजों में मतली, उल्टी और त्वचा पर लाल चकत्ते भी दिखाई दे सकते हैं। पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, नाक या मसूड़ों से खून आना, अत्यधिक सुस्ती या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण गंभीर स्थिति के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए।
मलेरिया की पहचान कैसे करें?
मलेरिया में आम तौर पर बुखार, ठंड लगना और कंपकंपी हो सकती है। इसके बाद तेज गर्मी या पसीना आने का अनुभव भी हो सकता है। सिरदर्द, कमजोरी, बदन दर्द, मतली या उल्टी भी हो सकती है। हालांकि हर मरीज में बुखार का एक जैसा पैटर्न दिखाई दे, यह जरूरी नहीं है। मलेरिया के लक्षण कई दूसरी बीमारियों से मिल सकते हैं, इसलिए इसकी पुष्टि के लिए खून की जांच जरूरी है। WHO के अनुसार संदिग्ध मलेरिया मरीजों में माइक्रोस्कोपी या रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (RDT) से जल्द जांच की जानी चाहिए।
वायरल फीवर में क्या होता है?
सामान्य वायरल संक्रमण में बुखार के साथ गले में खराश, खांसी, नाक बहना, शरीर में दर्द और थकान जैसे लक्षण अधिक देखने को मिल सकते हैं। लेकिन इन लक्षणों से अकेले यह तय नहीं किया जा सकता कि बुखार वायरल है या डेंगू/मलेरिया। खासकर मानसून में लगातार या तेज बुखार होने पर डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।
कब करानी चाहिए जांच?
अगर बुखार लगातार बना हुआ है, बहुत ज्यादा कमजोरी है, तेज सिरदर्द या कंपकंपी हो रही है या व्यक्ति ऐसे इलाके में है जहां डेंगू या मलेरिया का जोखिम है, तो डॉक्टर से संपर्क करें।
डॉक्टर लक्षणों और बीमारी की संभावना के आधार पर CBC, डेंगू टेस्ट, मलेरिया एंटीजन/RDT या ब्लड स्मियर जैसी जांच लिख सकते हैं। कौन-सा टेस्ट कब करना है, यह बीमारी और बुखार की अवधि पर निर्भर करता है।
सिर्फ लक्षणों के आधार पर दवा न लें
डेंगू, मलेरिया और वायरल फीवर के लक्षणों में समानता होने के कारण खुद से बीमारी का अनुमान लगाकर दवा लेना ठीक नहीं है। खासकर मलेरिया की पुष्टि होने पर इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि कुछ प्रकार का मलेरिया तेजी से गंभीर हो सकता है।
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