Ahilyabai Holkar Punyatithi : लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होल्कर की पुण्यतिथि के अवसर पर देश के प्रमुख शीर्ष नेताओं ने उन्हें याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत कई दिग्गज नेताओं ने उनके लोककल्याणकारी शासन, धार्मिक पुनरुद्धार और नारी सशक्तिकरण के महान आदर्शों को नमन किया।
ओम बिरला ने सुशासन और सांस्कृतिक संरक्षण को किया याद
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि पुण्यश्लोका अहिल्याबाई होल्कर ने अपने शासन में किसानों, कारीगरों, व्यापारियों और आम नागरिकों के हितों को सर्वोपरि रखा। उन्होंने मालवा क्षेत्र में कृषि और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी। बिरला ने कहा कि धर्म और संस्कृति के संरक्षण के लिए काशी विश्वनाथ सहित देश भर के प्रमुख तीर्थस्थलों, घाटों, कुओं और धर्मशालाओं के निर्माण व जीर्णोद्धार में उनका योगदान अतुलनीय है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि संसद पुस्तकालय भवन के प्रांगण में स्थापित अहिल्याबाई की साढे छह फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा उनके लोककल्याणकारी आदर्शों का प्रतीक है।
राजनाथ सिंह और अमित शाह ने नारी सशक्तिकरण की मिसाल बताया
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने अदम्य साहस और कुशल प्रशासन की अद्भुत मिसाल पेश की थी। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और समाज के वंचित व जनजातीय वर्गों के कल्याण के लिए उनके द्वारा उठाए गए कदम अपने समय से बहुत आगे थे। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पोस्ट कर कहा कि अहिल्याबाई जी ने नारी शिक्षा और विधवा विवाह को प्रोत्साहन देकर महिला सशक्तिकरण की मजबूत नींव रखी थी। उनका जीवन धर्म, संस्कृति और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण की प्रेरणादायक गाथा है।
जेपी नड्डा और शिवराज सिंह चौहान ने सनातन चेतना का प्रतीक माना
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने उन्हें परम शिवभक्त और दूरदर्शी शासिका बताते हुए कहा कि सनातन संस्कृति के संरक्षण और तीर्थों के पुनरुद्धार में उनका समर्पण सदैव सेवा और त्याग का प्रेरणास्रोत रहेगा। इसके साथ ही केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि ‘लोकमाता’ ने सनातन मूल्यों को अपने शासन में आत्मसात किया और उनके द्वारा स्थापित आदर्श शासन व्यवस्था आज ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण को दिशा प्रदान कर रही है।







