Bihar Lightning Strike : बिहार में मौसम का मिजाज बदलने के साथ ही आकाशीय बिजली (वज्रपात) का कहर देखने को मिला है। राज्य के तीन जिलों बांका, लखीसराय और पटना में वज्रपात की चपेट में आने से कुल नौ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस दुखद हादसे के बाद प्रभावित क्षेत्रों में मातम का माहौल छाया हुआ है। घटनाओं की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सरकार ने प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों की मदद के लिए तुरंत कदम उठाते हुए मृतकों के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
तीन जिलों में बरपा आकाशीय बिजली का कहर
मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को हुए हादसों में सबसे ज्यादा तबाही बांका जिले में देखने को मिली, जहां वज्रपात से पांच लोगों की जान चली गई। वहीं लखीसराय जिले में तीन और राजधानी पटना में एक व्यक्ति की मौत हुई है। राज्य में मॉनसून के दौरान बिजली गिरने की घटनाएं लगातार चिंता का कारण बनी हुई हैं। इन हादसों ने एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं से निपटने और लोगों को समय पर अलर्ट करने की जरूरत को सामने ला दिया है।
सीएम ने दिए तत्काल 4 लाख रुपये देने के निर्देश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने संबंधित जिला अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी मृतकों के परिजनों को तय प्रक्रिया के तहत तत्काल 4-4 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान (मुआवजा) उपलब्ध कराया जाए। प्रशासनिक अधिकारियों से कहा गया है कि वे खुद मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लें और पीड़ित परिवारों तक सरकारी सहायता बिना किसी देरी के पहुंचाना सुनिश्चित करें।
खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील
हादसे पर संवेदना जताते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से खराब मौसम और आकाशीय बिजली को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि जब भी मौसम बिगड़े या गरज-चमक हो, तो अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी की जाने वाली चेतावनियों का पालन करें और खुले मैदानों, खेतों, ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से बचें, क्योंकि ऐसे स्थानों पर बिजली गिरने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।







