Azamgarh: जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। सोमवार की रात डीजल से भरा एक टैंकर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे ट्रांसफार्मर के पोल से टकरा गया। टक्कर इतनी तेज थी कि देखते ही देखते पूरे टैंकर में भीषण आग लग गई और उसमें सवार तीन लोगों की जलकर मौत हो गई।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
यह घटना मालटारी-मिर्जापुर स्थित विद्युत उपकेंद्र के पास की है। टैंकर गोरखपुर के देवरिया स्थित डिपो से डीजल भरकर बिलरियागंज के श्रेया पेट्रोल पंप की तरफ लौट रहा था। रास्ते में अचानक चालक का नियंत्रण बिगड़ गया और वाहन सीधे ट्रांसफार्मर से जा टकराया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर के बाद ट्रांसफार्मर नीचे गिर पड़ा और एक जोरदार धमाके के साथ आग भड़क उठी। आग की लपटें इतनी भयानक थीं कि आसपास मौजूद लोग मदद के लिए पास जाने की हिम्मत भी नहीं जुटा सके। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग की भयावहता को देखते हुए दमकल की आठ गाड़ियों को काम पर लगाया गया। कई घंटों की भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक टैंकर पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था।
इस हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान चालक रामू यादव, परिचालक पतिराज प्रसाद (दोनों फरेंदा, महराजगंज निवासी) और 26 वर्षीय प्रबंधक प्रदीप (निवासी भीखमपुर, मेंहनगर) के रूप में हुई है।
परिवार में मातम और गांव में पसरा सन्नाटा
हादसे का शिकार हुआ प्रदीप कुमार अपने पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर था। वह पिछले पांच सालों से बिलरियागंज के पेट्रोल पंप पर प्रबंधक के रूप में काम कर रहा था। अपनी मेहनत और अच्छे स्वभाव के कारण वह गांव और आसपास के क्षेत्र में काफी लोकप्रिय था।
उसकी अचानक हुई मौत से पूरे भीखमपुर गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मां उर्मिला देवी और पिता मुन्नीलाल का रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
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