World junior squash championship 2026: कनाडा में आयोजित इस प्रतियोगिता में इतिहास रचने के बाद भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी स्वदेश लौट आए हैं। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री Dr Mansukh Mandaviya ने दिल्ली में इन सभी पदक विजेताओं से मुलाकात की और उन्हें सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया।
ऐतिहासिक खिताबी जीत
प्रतियोगिता में 18 वर्षीय Anahat Singh ने महिला सिंगल्स का खिताब अपने नाम कर देश का गौरव बढ़ाया। वे इस वर्ग में गोल्ड मेडल (gold medal) जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी हैं।
गर्ल्स सिंगल्स (girls singals) के फाइनल मुकाबले में अनाहत ने मिस्र की रुकैया सलेम को 3-0 से हराकर यह उपलब्धि हासिल की। यह इस प्रतियोगिता में उनकी पांचवीं भागीदारी थी और इससे पहले वे काहिरा में ब्रॉन्ज मेडल भी जीत चुकी हैं। वहीं पुरुष वर्ग में भारतीय जूनियर टीम—आर्यवीर दीवान, युशा नफीस और गुरवीर सिंह—ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
आगामी प्रतियोगिताओं पर ध्यान
केंद्रीय मंत्री मांडविया ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता एक लंबे खेल सफर की शुरुआत है। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि वे अपना पूरा ध्यान आने वाले एशियन गेम्स 2026 और ओलंपिक गेम्स 2028 पर लगाएं। उन्होंने कहा कि अनाहत का प्रदर्शन देश के लाखों युवाओं को स्क्वैश खेलने के लिए प्रेरित करेगा।
अनौपचारिक मुलाकात और भेंट
कार्यक्रम के दौरान माहौल काफी खुशनुमा और अनौपचारिक रहा। अनाहत ने खेल मंत्री को अपना ऑटोग्राफ किया हुआ स्क्वैश रैकेट और बॉल भेंट की। युवा खिलाड़ियों ने मंत्री के साथ बातचीत की और तस्वीरें भी खिंचवाईं।
गौरतलब है कि लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक में स्क्वैश पहली बार शामिल हो रहा है, जिससे भारत की इस अंतरराष्ट्रीय सफलता का महत्व और बढ़ जाता है।







