Vindhya Expressway : उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे का जाल लगातार बिछता जा रहा है, जिससे सफर बेहद आसान और तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने एक और बड़े प्रोजेक्ट की तैयारी कर ली है। अब प्रयागराज से निकलेगा 330 KM का नया Vindhya Expressway, जो यूपी के कई बड़े एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ने का काम करेगा। इस एक्सप्रेसवे के बनने से न केवल पूर्वांचल और बुंदेलखंड के बीच दूरी कम होगी, बल्कि दिल्ली तक का सफर भी बेहद सुपरफास्ट हो जाएगा। आइए आसान शब्दों में समझते हैं कि इस नए एक्सप्रेसवे का रूट क्या होगा और इससे आम जनता को क्या-क्या फायदे मिलने वाले हैं।
तीन बड़े एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी
Vindhya Expressway की सबसे खास बात यह है कि यह यूपी के तीन प्रमुख एक्सप्रेसवे—गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे—को आपस में कनेक्ट करेगा। प्रयागराज में गंगा एक्सप्रेसवे के अंतिम पॉइंट (सोनवार) से इसकी शुरुआत होगी। इसके अलावा, 117 किलोमीटर लंबा एक पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे भी बनाया जाएगा, जो चंदौली और गाजीपुर के पास पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इससे पश्चिमी यूपी, पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक ही नेटवर्क में बंध जाएंगे।
सफर के समय में होगी भारी बचत
इस एक्सप्रेसवे के बनने से प्रयागराज से सोनभद्र जाने का समय आधा रह जाएगा। पहले जहां 6 घंटे का समय लगता था, वहीं अब यह दूरी महज 3 घंटे में पूरी हो सकेगी। इतना ही नहीं, गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ने के कारण मिर्जापुर और आसपास के जिलों के लोग करीब 8 घंटे में ही दिल्ली-एनसीआर पहुंच सकेंगे। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों जैसे बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी को भी काफी मजबूत करेगा।
मिर्जापुर में बड़ा पुल और सोनभद्र में बनेगी टनल
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) को इस प्रोजेक्ट की नोडल एजेंसी बनाया गया है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 22,400 करोड़ रुपये का बजट खर्च होने का अनुमान है। एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए मिर्जापुर के पास गंगा नदी पर एक बड़ा पुल बनाया जाएगा। इसके अलावा, सोनभद्र की पहाड़ियों के बीच से रास्ता निकालने के लिए टनल (सुरंग) बनाने की भी योजना तैयार की गई है।
Vindhya Expressway के निर्माण के लिए 340 गांवों की लगभग 4,600 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। यह मिर्जापुर, वाराणसी, भदोही, चंदौली और सोनभद्र जैसे जिलों से होकर गुजरेगा। वहीं, पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे मिर्जापुर सहित चार जिलों के 135 गांवों से होकर निकलेगा, जिसके लिए 2,800 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जानी है। विंध्य एक्सप्रेसवे के बनने से उत्तर प्रदेश में व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को एक नई दिशा मिलेगी। यह प्रोजेक्ट न केवल पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र के विकास को रफ्तार देगा, बल्कि पड़ोसी राज्यों के साथ सीधी और बेरोकटोक कनेक्टिविटी भी सुनिश्चित करेगा। सफर को आसान बनाने की दिशा में यह एक बेहद बड़ा और असरदार कदम साबित होगा।







