Budaun: सावन का महीना शुरू होने वाला है और इसके साथ ही कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) को लेकर प्रशासनिक हलचल भी तेज हो गई है। रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा और जिले के प्रभारी एवं वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने तैयारियों का जायजा लिया। अफसरों को साफ हिदायत दी गई है कि कांवड़ियों को रास्ते में किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
Kanwar Yatra की तैयारियां
बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर काम करें ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और सुगम रहे। उन्होंने कांवड़ियों से भी अपील की कि वे यात्रा के दौरान सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करें और प्रशासन की व्यवस्थाओं में सहयोग दें। वहीं, डीएम अवनीश राय ने सुरक्षा और नियमों की जानकारी देते हुए बताया कि कांवड़ और डीजे की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट और चौड़ाई 10 फीट तय की गई है। साथ ही डीजे का वॉल्यूम 75 डेसीबल से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
Kanwar Yatra का आयोजन
प्रभारी मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने जोर देकर कहा कि इस पूरी यात्रा का आयोजन एक उत्सव की तरह धूमधाम से होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को अलर्ट रहने की सलाह दी ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कांवड़ मार्ग पूरी तरह से गड्ढा मुक्त होना चाहिए।
इस बार कांवड़ यात्रा को यादगार और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए एक नई पहल की जा रही है। सावन के दौरान शिवालयों में वन विभाग की तरफ से फलदार पौधों का वितरण किया जाएगा, जिन्हें कांवड़िया अपने घर ले जाकर लगा सकते हैं।
सड़क की स्थिति
सड़क और रास्तों की सुरक्षा को लेकर पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई के अधिकारियों को गड्ढे तुरंत भरने के निर्देश दिए गए हैं। कांवड़ मार्ग पर बिजली के खंभों को प्लास्टिक पन्नी से ढका जाएगा और खुले ट्रांसफार्मरों की बैरिकेडिंग की जाएगी। सफाई व्यवस्था और खुले नालों को ढकने का काम भी तेजी से पूरा करने को कहा गया है।







