Kailash Mansarovar Yatra: अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य इस साल पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने की योजना बना रहा है, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। आस्था के इस सफर पर निकलने से पहले कागजी कार्रवाई और टूर ऑपरेटर की जांच करना बेहद आवश्यक है। हाल ही में कुछ ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जहां लापरवाही की वजह से श्रद्धालुओं को बीच रास्ते में ही भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। इसी को देखते हुए सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
विदेश मंत्रालय ने Kailash Mansarovar यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एडवाइजरी जारी की है
नई दिल्ली से 27 जून को आई आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, विदेश मंत्रालय ने कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एडवाइजरी जारी की है। सरकार को पिछले कुछ दिनों में कई ऐसे भारतीय नागरिकों की तरफ से मदद की गुजारिश मिली है, जो निजी एजेंसियों के भरोसे यात्रा पर तो निकल गए, लेकिन आगे का रास्ता बंद होने के कारण फंस गए। मंत्रालय का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का कोई भी नागरिक किसी अनजानी परेशानी में न फंसे।

जरूरी परमिट और वीजा न होने की वजह से नेपाल में फंस गए
समस्या की असल वजह यह सामने आई है कि कई श्रद्धालु अपनी यात्रा के लिए आवश्यक दस्तावेज पूरी तरह तैयार होने से पहले ही भारत से रवाना हो गए। नतीजा यह हुआ कि चीन में प्रवेश के लिए जरूरी परमिट और वीजा न होने की वजह से नेपाल में फंस गए। उनके पास आगे जाने का कोई वैध जरिया नहीं था। मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक सारे पेपर्स आपके हाथ में न आ जाएं, तब तक भारत से अपना सफर कतई शुरू न करें। सिर्फ इस उम्मीद में घर से निकलना कि आगे जाकर कागजात मिल जाएंगे, आपको मुसीबत में डाल सकता है।

टूर ऑपरेटर सही तरीके से रजिस्टर्ड और अधिकृत है या नहीं
दस्तावेजों के अलावा एक और बड़ी लापरवाही टूर ऑपरेटरों के चयन में देखी जा रही है। सरकार ने सभी यात्रियों को सख्त हिदायत दी है कि वे एडवांस बुकिंग या पैसे देने से पहले यह अच्छी तरह जांच लें कि उनका टूर ऑपरेटर सही तरीके से रजिस्टर्ड और अधिकृत है या नहीं। कई बार अनधिकृत और गैर-रजिस्टर्ड ट्रैवल एजेंट सस्ते पैकेज का लालच देकर लोगों को ले जाते हैं और परमिट न मिलने पर उन्हें नेपाल बॉर्डर या काठमांडू में ही अकेला छोड़ देते हैं।

Kailash Mansarovar की यात्रा बेहद दुर्गम और अंतरराष्ट्रीय नियमों से बंधी हुई है। ऐसे में विदेश मंत्रालय की इस एडवाइजरी का पालन करना हर श्रद्धालु की सुरक्षा के लिए जरूरी है। किसी भी प्राइवेट ऑपरेटर की बातों में आकर बिना वीजा-परमिट के घर से निकलना आपके सफर के आनंद को खराब कर सकता है। इसलिए समझदारी दिखाएं, सभी सरकारी नियमों को पूरा करें और पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही अपनी इस पवित्र धार्मिक यात्रा की शुरुआत करें।
यह भी पढ़ें: PM Modi Seychelles visit: मिला सर्वोच्च सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर