Jaunpur showroom fire: उत्तर प्रदेश के Jaunpur से एक बेहद डराने वाली खबर सामने आई है। शहर के एक नामी कपड़े और फर्नीचर शोरूम में अचानक ऐसी आग लगी कि देखते ही देखते सब कुछ धुएं के गुबार में बदल गया। गनीमत बस इस बात की रही कि इस पूरे हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन कारोबारी को बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। आइए जानते हैं कि आखिर उस शाम वहां क्या हुआ था।
Jaunpur में शनिवार शाम 6 बजे कपड़े के शोरूम में भीषण आग लग गई
यह पूरी घटना नगर कोतवाली क्षेत्र के जोगियापुर इलाके की है। Jaunpur में शनिवार शाम 6 बजे कपड़े के शोरूम में भीषण आग लग गई, जिससे पूरे बाजार में हड़कंप मच गया। आग इतनी विकराल थी कि उसका काला धुआं करीब दो किलोमीटर दूर से ही आसमान में साफ दिखाई दे रहा था। जिस शोरूम में यह हादसा हुआ उसका नाम ‘प्रेम गाढ़ा भंडार’ है, जिसके मालिक अमित गाढ़ा हैं।
आग की खबर मिलते ही दमकल विभाग की 5 गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों को आग पर पूरी तरह काबू पाने में 4 घंटे से भी ज्यादा का समय लगा। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, इस हादसे में करीब 70 से 80 लाख रुपए के माल का नुकसान हुआ है। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी कुंवर अनुपम सिंह और डीएम सैमुअल पाल एन भी रात में ही मौके पर पहुंच गए थे।

स्टाफकर्मी बोला- सभी नीचे थे, पता ही नहीं चला
इस शोरूम की तीन मंजिला इमारत में नीचे दुकान थी और सबसे ऊपरी यानी सेकेंड फ्लोर पर कपड़ों और अन्य सामानों का बड़ा गोदाम बना हुआ था। हादसे के वक्त वहां कुल 10 कर्मचारी काम कर रहे थे। वहां काम करने वाले एक स्टाफकर्मी बोला- सभी नीचे थे, पता ही नहीं चला। कर्मचारी आशीष गुप्ता ने आपबीती बताते हुए कहा कि वे सभी लोग नीचे वाले फ्लोर पर ग्राहकों को संभाल रहे थे, तभी एक कर्मचारी ऊपर कुछ सामान लेने गया और उसने वहां आग देखी। आग का पता चलते ही सभी लोग तुरंत बाहर की तरफ भागे।
कर्मचारियों ने पहले खुद सबमर्सिबल चलाकर आग बुझाने की सोची, लेकिन बिजली कट जाने की वजह से मोटर नहीं चल सकी। इसके बाद सबने बाल्टी से पानी डालने की कोशिश की, मगर तब तक आग गोदाम के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले चुकी थी।

दुकान मालिक हाथ जोड़कर बोले- जान बच गई बस
इस हादसे ने दुकान के मालिकों को पूरी तरह तोड़ कर रख दिया है, लेकिन वे इस बात के लिए भगवान का शुक्रिया मान रहे हैं कि उनके कर्मचारियों की जान सुरक्षित रह गई। दुकान मालिक हाथ जोड़कर बोले- जान बच गई बस। राघवेंद्र गाढ़ा ने बताया कि दुकान के बाहर पोल से जो बिजली का तार आया हुआ था, उसमें अचानक तेज स्पार्किंग हुई और उसी की वजह से आग ऊपर के फ्लोर में फैल गई।
उन्होंने बताया कि नुकसान बहुत ज्यादा हुआ है और अभी उसका ठीक-ठीक आकलन करना भी मुश्किल है। लेकिन वे बस ईश्वर से यही प्रार्थना कर रहे हैं कि उनके सभी लोग सुरक्षित हैं, यही सबसे बड़ी बात है।

डीएम ने कहा- जांच समिति गठित की गई है
घटनास्थल का बारीकी से मुआयना करने के बाद जिला प्रशासन ने भी अपनी तरफ से कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले पर जानकारी देते हुए डीएम ने कहा- जांच समिति गठित की गई है। डीएम सैमुअल पाल एन ने बताया कि इस तीन मंजिला इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर घरेलू सामान, पहली मंजिल पर कपड़ों का शोरूम और दूसरी मंजिल पर गोदाम था। गोदाम में गद्दे, कुशन, प्लास्टिक की कुर्सियां और फर्नीचर जैसी चीजें रखी थीं, जो बहुत जल्दी आग पकड़ती हैं। इसी वजह से आग इतनी तेजी से फैली। उन्होंने यह भी बताया कि शोरूम में अग्निशामक यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) मौजूद थे।
लेकिन अचानक हुए हादसे और घबराहट की वजह से लोग समय पर उनका इस्तेमाल नहीं कर सके। अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच करने के लिए एडीएम (वित्त एवं राजस्व) परमानंद झा और एसडीएम सदर योगिता सिंह की दो सदस्यीय कमेटी बना दी गई है, जो अगले दिन शाम तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
Jaunpur की यह घटना हमें याद दिलाती है कि बिजली के उपकरणों और शॉर्ट सर्किट को लेकर कितनी सावधानी बरतने की जरूरत है। हालांकि इस हादसे में लाखों रुपए का नुकसान मालिक को झेलना पड़ा है, लेकिन कर्मचारियों की सूझबूझ और दमकल विभाग की मुस्तैदी से एक बड़ा मानवीय हादसा टल गया। प्रशासन की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने के पुख्ता कारणों और सुरक्षा मानकों की असल स्थिति का पता चल सकेगा।