Rajya Sabha Election Results: देश की राजनीति में इन दिनों काफी हलचल है। हाल ही में 10 राज्यों की 27 राज्यसभा सीटों पर हुए चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं। इन नतीजों ने संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा की पूरी तस्वीर को बदलकर रख दिया है। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाले NDA ने एक बड़ी छलांग लगाई है, जिससे वह अब बहुमत के जादुई आंकड़े के बेहद करीब पहुंच गया है। दूसरी तरफ, विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन के लिए ये नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि इस चुनावी फेरबदल के बाद राज्यसभा का पूरा समीकरण क्या हो गया है।
NDA बहुमत के करीब पहुंचा
इन 27 सीटों के राज्यसभा चुनाव परिणाम आने के बाद NDA की स्थिति पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो गई है। कुल सीटों में से अकेले एनडीए के खाते में 19 सीटें आई हैं। इस शानदार प्रदर्शन के बाद 245 सदस्यों वाली राज्यसभा में अब एनडीए के सदस्यों की संख्या बढ़कर 152 हो गई है। अगर इसमें बीजू जनता दल (BJD) की 5 और वाईएसआर कांग्रेस (YSRCP) की 7 सीटों का बाहरी समर्थन भी जोड़ लिया जाए, तो यह आंकड़ा 164 तक पहुंच जाता है। यानी एनडीए अब उच्च सदन में दो-तिहाई बहुमत के बेहद करीब खड़ा है, जिससे सरकार के लिए आने वाले समय में अहम बिल पास कराना काफी आसान हो जाएगा।
इंडिया गठबंधन को लगा बड़ा झटका
विपक्ष के लिए यह चुनाव काफी निराशाजनक रहा। पूरे चुनाव में इंडिया गठबंधन को सिर्फ 5 सीटों से ही संतोष करना पड़ा, जिसके बाद सदन में उनकी कुल ताकत सिमटकर 63 रह गई है। मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस के हाथ निराशा लगी, जहां उनकी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के अयोग्य घोषित होने की वजह से बीजेपी को एक सीट बिना किसी मुकाबले के तोहफे में मिल गई।
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झारखंड राज्यसभा सीट पर पलटा पासा
इस पूरे चुनाव में सबसे ज्यादा चौंकाने वाले नतीजे झारखंड राज्यसभा सीट से आए। यहाँ की दो सीटों पर मुकाबला सबसे कड़ा माना जा रहा था। पहली सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम ने 30 वोट पाकर आसानी से जीत दर्ज की, क्योंकि जेएमएम के पास खुद के 34 विधायक थे।
लेकिन असली खेल दूसरी सीट पर हुआ। NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी ने कांग्रेस के प्रणव झा को हराकर सबको चौंका दिया। 81 सदस्यों वाली विधानसभा में जीत के लिए पहली पसंद के 28 वोटों की जरूरत थी। एनडीए के पास अपने 24 विधायक थे, लेकिन उन्होंने बाकी जरूरी वोट जुटाकर कांग्रेस के समीकरण को बिगाड़ दिया।
इस राज्यसभा चुनाव परिणाम ने साफ कर दिया है कि NDA का पलड़ा अब उच्च सदन में भी भारी हो चुका है। झारखंड की हार ने विपक्षी खेमे की कमियों को उजागर किया है। अब देखना होगा कि इस नए समीकरण के बाद आने वाले संसद सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच कैसा तालमेल देखने को मिलता है।







