STF की बड़ी कार्रवाई! भारत-नेपाल सीमा से दबोचा गया TMC नेता ‘पुष्पा’ उर्फ जहांगीर खान | DD News UP

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STF कोलकाता: पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर घिरी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को एक और बड़ा झटका लगा है। TMC के नेता और फालता विधानसभा उपचुनाव में पार्टी के पूर्व उम्मीदवार जहांगीर खान, जिन्हें स्थानीय स्तर पर ‘पुष्पा’ के नाम से भी जाना जाता है, को पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने उत्तर बंगाल में भारत-नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, जहांगीर खान पर जबरन वसूली (Extortion) के कई गंभीर मामले दर्ज हैं और वह देश छोड़कर भागने की फिराक में था। STF आरोपी नेता को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए कोलकाता ला रही है।

खुफिया इनपुट के आधार पर STF ने बॉर्डर पर बिछाया जाल

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कलकत्ता हाईकोर्ट से झटका लगने के बाद से ही जहांगीर खान लगातार पुलिस से बचने के लिए ठिकाने बदल रहा था। STF को खुफिया जानकारी मिली थी कि आरोपी नेता उत्तर बंगाल के रास्ते भारत-नेपाल सीमा पार कर नेपाल भागने की योजना बना रहा है। इस इनपुट के आधार पर STF ने सीमाई इलाके में जाल बिछाया और सोमवार को उसे सफलतापूर्वक दबोच लिया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा, “जहांगीर खान को उत्तर बंगाल में भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है और उसे कोलकाता लाया जा रहा है।”

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कलकत्ता हाईकोर्ट से झटका लगते ही कस गया था पुलिस का शिकंजा

जहांगीर खान उर्फ ‘पुष्पा’ की मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब पिछले महीने 26 मई को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने उसे मिली अंतरिम कानूनी सुरक्षा (Interim Protection) को खारिज कर दिया था। कोर्ट से संरक्षण हटते ही पुलिस प्रशासन ने उस पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दक्षिण 24 परगना जिले के फालता थाने में जहांगीर खान के खिलाफ जबरन वसूली और अन्य संगीन धाराओं के तहत कुल सात एफआईआर (FIR) दर्ज हैं। इन मामलों में वह लंबे समय से वांछित चल रहा था।

चुनाव से ठीक पहले मैदान छोड़ने वाले ‘पुष्पा’ को जनता ने नकारा

जहांगीर खान का राजनीतिक इतिहास भी पिछले कुछ समय से बेहद विवादित रहा है। फालता विधानसभा के उपचुनाव में TMC के इस उम्मीदवार ने मतदान से महज 48 घंटे पहले 19 मई को अचानक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हैरान करने वाला फैसला लिया था। उसने चुनाव से खुद को पीछे हटाते हुए कहा था कि वह फालता के विकास के लिए यह कदम उठा रहा है। हालांकि, ऐन वक्त पर नाम वापस लेने के बावजूद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में तृणमूल कांग्रेस के सिंबल के साथ उसका नाम मौजूद रहा।

21 मई को हुए इस उपचुनाव के नतीजे 24 मई को घोषित किए गए, जिसमें TMC की आंतरिक कलह और जनविरोधी नीतियों के कारण भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस सीट पर 1.09 लाख से अधिक मतों के भारी अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इस चुनाव में माकपा (CPM) दूसरे स्थान पर रही, जबकि खुद को ‘पुष्पा’ बताने वाले TMC के जहांगीर खान को जनता ने पूरी तरह नकार दिया और वह महज 7,783 वोट पाकर चौथे स्थान पर रह गए।

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