भारतीय क्रिकेट के इतिहास में रिकॉर्ड तो बहुत बनते और टूटते हैं, लेकिन कुछ कहानियां ऐसी होती हैं जो दिल को छू जाती हैं। ऐसी ही एक कहानी है महज 15 साल के युवा बल्लेबाज Vaibhav Sooryavanshi की। वैभव ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी के दम पर इतनी छोटी सी उम्र में सीनियर टीम इंडिया में जगह बनाकर हर किसी को हैरान कर दिया है। लेकिन कहानी सिर्फ उनके टीम में चुने जाने की नहीं है, बल्कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा उनके लिए किए गए एक बेहद खास और संवेदनशील इंतजाम की भी है।
BCCI ने इस किशोर खिलाड़ी की उम्र और मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए एक अनोखा फैसला लिया है। आगामी आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर वैभव सूर्यवंशी के साथ उनके माता-पिता भी यात्रा कर सकेंगे। बोर्ड का मानना है कि इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बड़े मंच और सीनियर टीम के माहौल में ढलने के लिए वैभव को अपने परिवार के साथ की सबसे ज्यादा जरूरत है।

नाबालिग होने के कारण बोर्ड ने दिया विशेष सहयोग
क्रिकेट के मैदान पर बड़े-बड़े गेंदबाजों के छक्के छुड़ाने वाले Vaibhav Sooryavanshi असल जिंदगी में अभी एक नाबालिग बच्चे हैं। BCCI के सचिव देवजीत सैकिया ने इस फैसले के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि वैभव अब तक अंडर-19 स्तर पर खेलते आए हैं, जहां उनके साथ खेलने और यात्रा करने वाले खिलाड़ी उन्हीं की हमउम्र के होते थे। लेकिन सीनियर भारतीय टीम की बात बिल्कुल अलग है, क्योंकि वहां बाकी सभी खिलाड़ी वयस्क (Adults) और काफी सीनियर हैं।
सैकिया ने साफ किया, “वह अभी बहुत छोटा है। सीनियर टीम के अनुभवी खिलाड़ियों के बीच उसे अकेलापन या किसी तरह का दबाव महसूस न हो, इसलिए बोर्ड ने तय किया है कि उसके माता-पिता या परिवार का कोई सदस्य दौरे पर उसके साथ रह सकता है।” फिलहाल वैभव श्रीलंका में इंडिया-ए टीम के साथ त्रिकोणीय सीरीज खेल रहे हैं और वहां भी उनके पिता जल्द ही पहुंचने वाले हैं। बोर्ड ने भरोसा दिलाया है कि वह परिवार के इंग्लैंड जाने का पूरा इंतजाम और सहयोग करेगा। आमतौर पर सीनियर टीम में किसी खिलाड़ी को ऐसी सुविधा नहीं मिलती, लेकिन वैभव का मामला बेहद खास है।

IPL 2026 और अंडर-19 में मचाया है कोहराम
Vaibhav Sooryavanshi के लिए साल 2026 किसी जादुई सपने जैसा साबित हो रहा है। उन्होंने पहले अंडर-19 विश्व कप के फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ 175 रनों की एक ऐतिहासिक पारी खेली और भारत को चैंपियन बनाया। इसके बाद जब IPL 2026 का मंच आया, तो उन्होंने राजस्थान रॉयल्स की तरफ से खेलते हुए अपनी बल्लेबाजी से तहलका मचा दिया।
वैभव ने आईपीएल के 16 मैचों में कुल 776 रन कूट डाले। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 237.30 का रहा, जो T20 क्रिकेट के लिहाज से बेहद विस्फोटक माना जाता है। अपने इसी धमाकेदार प्रदर्शन की बदौलत उन्होंने सीजन में ‘ऑरेंज कैप’ और ‘मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर’ (MVP) जैसे सबसे बड़े पुरस्कार अपने नाम किए।

अजीत अगरकर बोले- ‘उसने हमें मजबूर कर दिया’
वैभव के इस अविश्वसनीय प्रदर्शन का ही नतीजा था कि मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति उन्हें सीनियर टीम में शामिल करने से खुद को रोक नहीं पाई। अजीत अगरकर ने खुद यह बात स्वीकार की है कि वैभव ने अपनी बल्लेबाजी के दम पर चयनकर्ताओं को मजबूर किया कि उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह दी जाए।
अगरकर ने कहा, “वैभव ने जिस तरह दबाव वाले मैचों में खेल दिखाया है, वह असाधारण है। वह किसी भी समय मैच का रुख पलटने की ताकत रखता है और हमें उससे भविष्य में बहुत उम्मीदें हैं।” अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या 15 साल का यह युवा सितारा इंग्लैंड की धरती पर मैदान पर उतरकर एक नया इतिहास रचेगा। बहरहाल, खेल से इतर BCCI का यह कदम दिखाता है कि बोर्ड अपने युवा खिलाड़ियों के हुनर के साथ-साथ उनके मानसिक और पारिवारिक तालमेल का भी पूरा ख्याल रख रहा है।
