Khan Sir Surrender: बिहार की राजधानी पटना की कोचिंग इंडस्ट्री में चल रही आपसी प्रतिद्वंद्विता और विवाद अब पूरी तरह से कानूनी लड़ाई में तब्दील हो चुका है। देश के लाखों छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले और सोशल मीडिया पर अपनी अनूठी शैली के लिए मशहूर शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर शनिवार को अचानक पटना सिविल कोर्ट पहुंचे। हालांकि, पहले उनके सरेंडर करने की खबरें आ रही थीं, लेकिन बाद में सामने आई नई जानकारियों के अनुसार खान ग्लोबल स्टडीज (KGS) के डायरेक्टर फैजल खान ने कोर्ट में आत्मसमर्पण नहीं किया है। कानूनी रणनीतियों को ध्यान में रखते हुए अब यह संभावना जताई जा रही है कि सोमवार को सिविल कोर्ट में खान सर की ओर से अग्रिम जमानत याचिका (Bell Petition) दाखिल की जा सकती है, जिससे उन्हें इस मामले में गिरफ्तारी से बड़ी राहत मिल सके।
2 जून की रात कोचिंग सेंटर पर हुआ था हमला, वीडियो वायरल होने के बाद बदला पूरा मामला
इस पूरे विवाद की शुरुआत बीते 2 जून 2026 की रात को हुई, जब पटना स्थित ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ (KGS) सेंटर पर अज्ञात समाजकंटकों और हमलावरों ने अचानक धावा बोल दिया था। इस हमले के दौरान कोचिंग सेंटर पर जमकर पत्थरबाजी और तोड़फोड़ की गई, जिसमें वहां तैनात एक सुरक्षा गार्ड गंभीर रूप से घायल भी हो गया था। घटना के शुरुआती चरण में खान सर ने इसे प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थानों की एक सोची-समझी साजिश करार दिया था और उनके गार्ड्स ने भी केवल आत्मरक्षार्थ हवा में फायरिंग करने का दावा किया था। लेकिन घटना का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरा मामला उलट गया और पुलिस की जांच का रुख खान सर के ही सुरक्षाकर्मियों की तरफ मुड़ गया।
Khan Sir Surrender: गिरफ्तार सुरक्षा गार्ड्स के बयानों ने बढ़ाई खान सर की मुश्किलें
मामले की गंभीरता को देखते हुए जब पटना पुलिस ने सघन जांच शुरू की, तो इस कांड से जुड़ी कड़ियां आपस में जुड़ती चली गईं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खान सर के दो सिक्योरिटी गार्ड्स को गिरफ्तार कर लिया, जिन्होंने पूछताछ के दौरान बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए। कथित तौर पर इन गार्ड्स ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उन्होंने स्वयं खान सर के निर्देश और आदेश पर ही वहां गोलियां चलाई थीं। इस बयान को आधार बनाते हुए पुलिस ने कदमकुआं थाने में FIR संख्या 418/26 के तहत खान सर को सीधे नामजद (Named FIR) कर लिया है। इस मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (हत्या का प्रयास) और आर्म्स एक्ट की बेहद गंभीर तथा गैर-जमानती धाराएं लगाई गई हैं, जिसने खान सर की कानूनी मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं।
FIR के बाद से चल रही थी पुलिस की छापेमारी, सेंटर के बाहर समर्थकों और छात्रों का भारी जमावड़ा
कदमकुआं थाने में संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज होने के बाद से ही खान सर का मोबाइल फोन लगातार बंद आ रहा था और वे अपने ठिकानों से नदारद थे। पुलिस की विशेष टीमों ने उन्हें ढूंढने के लिए रातभर कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन उन्हें पकड़ने में सफलता नहीं मिल सकी थी। दूसरी ओर, खान सर की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस खबर के फैलते ही उनके कोचिंग सेंटर के बाहर हजारों छात्रों और समर्थकों का भारी जमावड़ा लग गया। बिहार पुलिस परीक्षा जैसी कठिन तैयारियों को बहुत ही कम फीस में कराने के लिए मशहूर खान सर के समर्थन में छात्र लगातार नारेबाजी कर रहे हैं, जिससे इलाके में स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है।
बिहार में कोचिंग माफिया और अराजकता पर उठे गंभीर सवाल
यह पूरा सनसनीखेज मामला केवल एक संस्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने बिहार के भीतर फल-फूल रहे कोचिंग माफिया और इस इंडस्ट्री की आंतरिक अराजकता को एक बार फिर से बेनकाब कर दिया है। पुलिस जांच में खान सर के प्रतिद्वंद्वी रोशन आनंद के संस्थान से जुड़े कुछ आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है, जो इस आपसी रंजिश की पुष्टि करता है। इस घटनाक्रम के बाद राज्य सरकार भी अब कोचिंग सेंटरों की गतिविधियों पर कड़ा अंकुश लगाने और नियमावली तैयार करने की बात कह रही है। फिलहाल पुलिस और फॉरेंसिक टीमें इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि गवाहों के बयान और आगे आने वाली जांच रिपोर्ट ही खान सर के शैक्षणिक और व्यावसायिक भविष्य की दिशा तय करेगी।
