Lucknow: उत्तर प्रदेश के CM Yogi Adityanath ने सोमवार को लखनऊ में 'जनता दर्शन' कार्यक्रम के जरिए एक बार फिर आम जनता से सीधा संवाद किया। इस दौरान प्रदेश के कोने-कोने से अपनी फरियाद लेकर लोग पहुंचे थे। सीएम ने खुद एक-एक कर लोगों से मुलाकात की, उनके प्रार्थना पत्र लिए और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी हर समस्या का सही समाधान किया जाएगा। इस दौरान पुलिस और जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों की भरमार रही, जिस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त लहजे में हिदायत दी।

समयसीमा के भीतर हो समस्या का समाधान
जनता दर्शन में ज्यादातर मामले राजस्व (जमीन) और पुलिस प्रशासन से जुड़े सामने आए। इन पर कड़ा रुख अपनाते हुए CM Yogi Adityanath ने कहा कि जमीन से जुड़े जितने भी पुराने मामले अटके हुए हैं, उनका निपटारा एक तय समयसीमा के भीतर होना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी मामले 6 महीने से ज्यादा समय से लंबित हैं, उनके पीछे की वजहों की जांच की जाए। अगर बिना किसी ठोस कारण के काम में देरी पाई जाती है, तो जिम्मेदार अधिकारी की जवाबदेही तय होगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जरूरतमंद लोगों के चेहरे पर खुशी लाना शासन-प्रशासन का दायित्व
मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में आए अधिकारियों को समझाते हुए कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता हर गरीब और जरूरतमंद की मदद करना है। प्रशासन को पूरी संवेदनशीलता के साथ यह पक्का करना चाहिए कि बिना किसी भेदभाव के हर व्यक्ति को न्याय मिले और हर पात्र नागरिक को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले। उन्होंने यह भी साफ किया कि बीमार लोगों के इलाज की मुकम्मल व्यवस्था करना और लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाना ही प्रशासन की असली जिम्मेदारी है।
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बेटा! तुम सिर्फ पढ़ाई करो, बाकी हम पर छोड़ दो
इस जनता दर्शन की सबसे भावुक तस्वीर तब सामने आई जब हापुड़ से एक छोटी बच्ची अपने माता-पिता के साथ मुख्यमंत्री के पास पहुंची। उसने रोते हुए अपने परिवार की तंगहाली और पढ़ाई में आने वाली दिक्कतों के बारे में बताया। सीएम ने जब उससे उसकी क्लास पूछी, तो उसने बताया कि वह सातवीं कक्षा में पढ़ती है।
इस पर मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए बच्ची का हौसला बढ़ाया और कहा, “घर जाओ और सिर्फ मन लगाकर पढ़ाई करो, बाकी सब हम पर छोड़ दो।” उन्होंने अधिकारियों को तुरंत निर्देश दिए कि वे परिवार से संपर्क कर बच्ची की शिक्षा का इंतजाम करें। साथ ही माता-पिता से कहा कि पढ़ा-लिखा बच्चा ही सशक्त भारत की नींव है, इसलिए बच्चों को स्कूल जरूर भेजें।
सीएम योगी का यह जनता दर्शन सिर्फ शिकायतों के निपटारे का जरिया नहीं, बल्कि आम जनता और सरकार के बीच के भरोसे को मजबूत करने वाला मंच बनता जा रहा है। खासकर बच्चों की पढ़ाई को लेकर मुख्यमंत्री की यह संवेदनशीलता समाज में एक बेहद सकारात्मक संदेश देती है।
