CM Yogi Adityanath की अपील: यूपी में ‘नो व्हीकल डे’ और वर्क फ्रॉम होम की तैयारी, फ्लीट में 50% की कटौती

Yogi Adityanath

Share This Article

दुनिया भर में चल रही उथल-पुथल और आर्थिक अनिश्चितता के बीच अब भारत भी अपनी तैयारी मजबूत कर रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से संसाधन बचाने की जो अपील की थी, उसे उत्तर प्रदेश में जमीन पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कमर कस ली है। उन्होंने मंगलवार को राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की और स्पष्ट कर दिया कि अब बचत और सादगी केवल बातों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे सरकारी कामकाज का हिस्सा बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने प्रदेशवासियों से सीधा संवाद करते हुए आग्रह किया है कि वे ईंधन की खपत कम करें और अनावश्यक रूप से सोने की खरीदारी से बचें। उनका मानना है कि वैश्विक संकट के समय में देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत रखने के लिए हर नागरिक का योगदान जरूरी है।

Yogi Adityanath

मंत्रियों के काफिले और फ्लीट में बड़ी कटौती

इस अभियान की शुरुआत सबसे पहले सरकार से ही हो रही है। Yogi Adityanath ने निर्देश दिया है कि मुख्यमंत्री और सभी मंत्रियों के काफिले (फ्लीट) में गाड़ियों की संख्या तत्काल 50 प्रतिशत तक कम की जाए। अक्सर देखा जाता है कि वीआईपी मूवमेंट के दौरान बड़ी संख्या में गाड़ियां चलती हैं, जिससे ईंधन की बर्बादी और ट्रैफिक जाम की समस्या होती है। अब काफिले से अनावश्यक वाहनों को हटाने का आदेश दे दिया गया है, ताकि जनता के बीच एक सकारात्मक संदेश जाए कि सरकार खुद भी किफायत बरत रही है।

Yogi Adityanath

वर्क फ्रॉम होम और वर्चुअल बैठकों पर जोर

बदलते समय के साथ मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कार्य संस्कृति में भी बदलाव लाने की वकालत की है। उन्होंने राज्य में ‘वर्क फ्रॉम होम’ को प्राथमिकता देने की अपील की है। औद्योगिक विकास विभाग और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित किया जाएगा कि वे अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा दें। जिन संस्थानों में ज्यादा कर्मचारी हैं, वहां सप्ताह में दो दिन घर से काम करने की एडवाइजरी जारी करने का सुझाव दिया गया है।

इसके अलावा, सरकारी विभागों में होने वाली बैठकों, सेमिनारों और वर्कशॉप को भी ज्यादातर वर्चुअली आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। सचिवालय और निदेशालयों की कम से कम 50 प्रतिशत आंतरिक बैठकें अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होंगी, जिससे न केवल समय बचेगा बल्कि आवाजाही में खर्च होने वाला ईंधन भी बचेगा।

Yogi Adityanath

पब्लिक ट्रांसपोर्ट और ‘नो व्हीकल डे’

मुख्यमंत्री का कहना है कि हमें पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे मेट्रो, बस और पीएनजी चालित वाहनों के इस्तेमाल को अपनी आदत बनाना होगा। Yogi Adityanath ने एक दिलचस्प सुझाव यह भी दिया है कि मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि सप्ताह में कम से कम एक दिन अनिवार्य रूप से पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। इसके साथ ही, सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ आयोजित करने की योजना है, जिससे सरकारी कर्मचारियों और स्कूली छात्रों को भी जोड़ा जाएगा।

ट्रैफिक के पीक ऑवर्स में भीड़ और तेल की खपत कम करने के लिए कार्यालयों के समय को अलग-अलग स्लॉट (बैच) में बांटने पर भी विचार किया जा रहा है। कार पूलिंग और साइकिलिंग को भी बढ़ावा देने की बात कही गई है।

Yogi Adityanath

बिजली बचत और विदेशी यात्राओं पर लगाम

केवल ईंधन ही नहीं, मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने बिजली बचाने की भी भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकारी भवनों और निजी घरों में बेवजह लाइटें न जलें। कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और निजी प्रतिष्ठानों में रात 10 बजे के बाद सजावटी लाइटों का न्यूनतम प्रयोग करने की सलाह दी गई है। साथ ही, उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि अगले छह महीने तक बहुत जरूरी न हो तो विदेशी यात्राएं न करें। इससे देश की मुद्रा की बचत होगी और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

यह भी पढ़ें: PM Modi की नई पहल: काफिले में 50% गाड़ियां कम कर पेश की सादगी की मिसाल

स्वदेशी उत्पादों और डेस्टिनेशन वेडिंग को बढ़ावा

‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा कि हमें त्योहारों और शादियों में भारत में बने उपहारों और हस्तशिल्प सामग्रियों का ही उपयोग करना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि लोग विदेशों में शादी करने के बजाय उत्तर प्रदेश के किलों, हैरिटेज साइट्स और प्राकृतिक स्थलों को अपनी ‘डेस्टिनेशन वेडिंग’ के लिए चुनें। इससे प्रदेश के पर्यटन को मजबूती मिलेगी और स्थानीय कारीगरों को काम मिलेगा। इसके लिए ‘विजिट माई स्टेट’ जैसे अभियान भी शुरू किए जाएंगे।

खान-पान और खेती में बदलाव की जरूरत

स्वास्थ्य और बचत दोनों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से खाद्य तेल (Cooking Oil) के उपयोग में कमी लाने का भी आग्रह किया है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि स्कूलों, अस्पतालों, पुलिस मेस और सरकारी कैंटीन में कम तेल वाले खाने को बढ़ावा दिया जाए। खेती के क्षेत्र में भी Yogi Adityanath ने प्राकृतिक खेती (Natural Farming) और रासायनिक उर्वरकों के कम उपयोग पर जोर दिया है, ताकि मिट्टी की उर्वरता बनी रहे और लागत कम हो।

मुख्यमंत्री Yogi Adityanath द्वारा उठाए गए ये कदम केवल एक सरकारी आदेश नहीं हैं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए एक ठोस तैयारी हैं। ईंधन बचाना, बिजली की बचत करना और स्वदेशी को अपनाना अब हमारी राष्ट्रीय जिम्मेदारी बन गई है। अगर उत्तर प्रदेश जैसा बड़ा राज्य इन नियमों को व्यावहारिक रूप से अपनाता है, तो यह देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा गेम-चेंजर साबित हो सकता है। अब यह हम प्रदेशवासियों की जिम्मेदारी है कि हम इस मुहिम का हिस्सा बनें और एक जागरूक नागरिक की तरह देश के विकास में अपना हाथ बटाएं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Live Channel

Advertisement

[wonderplugin_slider id=1]

Live Poll

आपके क्षेत्र में सबसे मजबूत दल कौन है?
  • Add your answer

Also Read This