Ghaziabad के इंदिरापुरम इलाके से बुधवार सुबह एक ऐसी खबर आई जिसने सबको डरा दिया। यहाँ की एक नामी सोसाइटी में सुबह-सुबह उस वक्त चीख-पुकार मच गई जब एक 15 मंजिला इमारत की ऊपरी मंजिलों से आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते धुएं का गुबार इतना गहरा हो गया कि कई किलोमीटर दूर से ही खतरे का अंदाजा लगाया जा सकता था। खुशकिस्मती रही कि समय रहते रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ और एक बड़ा हादसा टल गया।
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कैसे शुरू हुआ आग का तांडव?
घटना इंदिरापुरम के अभय खंड स्थित गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी की है। बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे, जब लोग अपने रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थे, तभी टावर-डी के 9वें फ्लोर पर आग की चिंगारी उठी। हवा और बिल्डिंग के स्ट्रक्चर की वजह से आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और 9वीं मंजिल से लेकर 15वीं मंजिल तक, यानी कुल 7 फ्लोर इसकी चपेट में आ गए।
आग इतनी तेज थी कि फ्लैटों की खिड़कियों से आग की ऊंची लपटें बाहर की ओर निकल रही थीं। धुएं की वजह से पूरी बिल्डिंग में अंधेरा छा गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए सीढ़ियों की तरफ भागे। अपना आशियाना जलते देख कई महिलाएं और बच्चे सड़क पर खड़े होकर फूट-फूटकर रोने लगे।
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फायर ब्रिगेड का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड रेस्क्यू टीम हरकत में आई। मौके पर एक-एक करके दमकल की 14 गाड़ियां पहुंचीं। चूंकि आग काफी ऊंचाई पर थी, इसलिए साधारण पाइप से पानी डालना मुश्किल हो रहा था। इसके लिए तुरंत हाइड्रोलिक क्रेन मंगवाई गई, जिसकी मदद से ऊपरी मंजिलों तक पानी की बौछार की गई।
सीएफओ राहुल पाल ने बताया कि उनकी टीम ने करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान बगल की बिल्डिंग में रहने वाले लोगों ने भी हिम्मत दिखाई और अपने घरों के पाइप से आग बुझाने में मदद की। राहत की बात यह रही कि बिल्डिंग में फंसे सभी 60 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
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बुजुर्ग और बीमारों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा समय
Ghaziabad में भीषण आग की घटना में सबसे ज्यादा मुश्किल उन लोगों के लिए थी जो बुजुर्ग थे या चलने-फिरने में असमर्थ थे। रेस्क्यू के दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति, को सांस लेने में दिक्कत हुई, पानी में उनका पैर भी फिसल गया। तुरंत बुजुर्ग को ऑक्सीजन मास्क पहनाकर स्ट्रेचर से अस्पताल पहुंचाया गया। धुएं के कारण कुछ लोगों को सांस लेने में तकलीफ हुई, जिन्हें तुरंत एम्बुलेंस से नजदीकी अस्पताल भेजा गया।
Ghaziabad डीएम रविंद्र कुमार ने खुद मौके का मुआयना किया और बताया कि रेस्क्यू किए गए सभी लोग अब ठीक हैं। प्रशासन और सोसाइटी की मैनेजमेंट कमेटी ने प्रभावित परिवारों के लिए रहने और खाने-पीने का अस्थायी इंतजाम किया है ताकि इस मुश्किल घड़ी में उन्हें कुछ राहत मिल सके।
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क्या रही आग लगने की वजह?
अभी तक आग लगने के सटीक कारणों का आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन शुरुआती बातचीत में सोसाइटी के निवासियों ने बताया कि डी-टावर की किसी मंजिल पर कंस्ट्रक्शन या रिपेयरिंग का काम चल रहा था। कयास लगाए जा रहे हैं कि शायद वहीं से कोई शॉर्ट सर्किट या चिंगारी आग का कारण बनी। फिलहाल फायर ब्रिगेड की टीम एक-एक फ्लैट की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं कोई चिंगारी बाकी तो नहीं रह गई।
Ghaziabad की इस घटना ने एक बार फिर हाई-राइज बिल्डिंग्स में फायर सेफ्टी के इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, जिस तत्परता से स्थानीय लोगों और दमकल विभाग ने काम किया, उसी वजह से आज किसी की जान नहीं गई।
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