उत्तर प्रदेश के Agra जिले में रविवार दोपहर एक भीषण अग्निकांड ने औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। सिकंदरा स्थित श्रीजी पुरम में संचालित 'बाजवा रबर इंडस्ट्रीज' में अचानक लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। दोपहर करीब 3:30 बजे लगी इस आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसमान में काला धुआं कई किलोमीटर दूर से ही दिखाई दे रहा था। Agra के दमकलकर्मियों को इस आग पर पूरी तरह काबू पाने में करीब 6 घंटे का समय लगा।
स्टॉक रूम से शुरू हुई आग की लपटें
फैक्ट्री मालिक सनी बाजवा, जो Agra के ही कावेरी कौस्तुभ अपार्टमेंट में रहते हैं, ने बताया कि उनकी फैक्ट्री में रबर के सोल बनाए जाते हैं। रविवार को साप्ताहिक अवकाश होने के कारण फैक्ट्री में काम बंद था और केवल गार्ड ही तैनात था। आग की शुरुआत फैक्ट्री के स्टॉक रूम से हुई और कुछ ही देर में लपटें भूतल से होते हुए पहली मंजिल तक पहुंच गईं। गनीमत यह रही कि अवकाश होने के कारण 60 कर्मचारी फैक्ट्री के अंदर मौजूद नहीं थे, वरना एक बड़ा मानवीय हादसा हो सकता था।

दमकल विभाग की कड़ी मशक्कत
Agra के मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) देवेंद्र सिंह के नेतृत्व में छह दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। रबर सोल और प्लास्टिक दाने पेट्रोलियम पदार्थों से बने होने के कारण आग पर पानी का असर कम हो रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फोम टेंडर की मदद ली गई। दमकलकर्मियों ने बगल की फैक्ट्रियों की छतों पर चढ़कर पानी की बौछारें कीं और वेंटिलेशन के लिए पिछली दीवार को भी तोड़ना पड़ा। रात करीब 8:00 बजे लपटों को कम किया जा सका और 9:30 बजे तक कूलिंग का काम जारी रहा।
पड़ोसी फैक्ट्री और कर्मचारियों का साहस
आग की तपिश इतनी अधिक थी कि बगल में स्थित अशोक शर्मा की सोल फैक्ट्री भी खतरे में आ गई थी। Agra पुलिस और स्थानीय कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए पड़ोसी फैक्ट्री की गैलरी में रखे सामान को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे आग दूसरी यूनिट में फैलने से बच गई। इस दौरान एक भावुक मंजर भी देखने को मिला, जब फैक्ट्री के मेंटेनेंस ऑफिसर चंद्र किशोर आग का तांडव देखकर रोने लगे। वे खुद पहली मंजिल पर जाकर आग बुझाने की कोशिश करने लगे, जिन्हें पुलिस ने समझा-बुझाकर सुरक्षित नीचे उतारा।
Agra में हुई इस घटना में लाखों की मशीनरी और कच्चा माल जलकर राख हो गया है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों और फायर ऑडिट की जरूरत एक बार फिर इस हादसे ने महसूस कराई है।
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