Solar installation में उत्तर प्रदेश का धमाका: 2025-26 में बना नया रिकॉर्ड

Solar installation

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उत्तर प्रदेश के लिए पिछला साल ऊर्जा के क्षेत्र में किसी क्रांति से कम नहीं रहा। राज्य ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान Solar installation के मामले में अपनी अब तक की सबसे बड़ी छलांग लगाई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस एक साल के भीतर प्रदेश में रिकॉर्ड 3,47,729 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए गए। यह आंकड़ा न केवल राज्य की प्रगति को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि अब यूपी के लोग बिजली के लिए पारंपरिक स्रोतों के बजाय सूरज की रोशनी पर भरोसा जता रहे हैं।

हर महीने बढ़ती गई रफ्तार

साल की शुरुआत से ही Solar installation की प्रक्रिया ने गति पकड़ ली थी। अप्रैल 2025 में जहाँ करीब 15,836 इंस्टॉलेशन हुए थे, वहीं साल के अंत तक पहुँचते-पहुँचते यह संख्या कई गुना बढ़ गई। असल जादू वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही में देखने को मिला। जनवरी 2026 में 33,314 और फरवरी में 35,804 संयंत्र लगाए गए। लेकिन मार्च 2026 ने तो पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। अकेले मार्च के महीने में 52,729 घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए गए, जो किसी भी एक महीने में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

यूपी बना देश का नंबर वन राज्य

इस जबरदस्त बढ़त का नतीजा यह हुआ कि उत्तर प्रदेश अब ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना‘ के कार्यान्वयन में देश का अग्रणी राज्य बन गया है। मार्च महीने के दौरान यूपी ने गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया। आज की स्थिति यह है कि प्रदेश में कुल Solar installation की संख्या 4,48,233 तक पहुँच गई है, जिससे प्रतिदिन लगभग 1524 मेगावाट बिजली पैदा हो रही है। यह न केवल पर्यावरण के लिए अच्छा है, बल्कि उपभोक्ताओं के बिजली बिल को भी जीरो करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

नीतियों और सब्सिडी का असर

यूपीनेडा के डायरेक्टर इंद्रजीत सिंह का कहना है कि यह उपलब्धि सरकार की सरल नीतियों और दी जा रही भारी सब्सिडी का परिणाम है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सोलर पैनल लगवाने पर अच्छी-खासी आर्थिक मदद दे रही हैं, जिससे आम आदमी के लिए Solar installation काफी किफायती हो गया है। साथ ही, अब वेंडर्स की उपलब्धता और ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आवेदन की प्रक्रिया आसान होने से लोगों में जागरूकता और भरोसा दोनों बढ़ा है।

ग्रीन एनर्जी से आत्मनिर्भरता की ओर

सोलर ऊर्जा की इस बढ़ती रफ्तार ने उत्तर प्रदेश को ग्रीन एनर्जी के ग्लोबल मैप पर मजबूती से खड़ा कर दिया है। Solar installation की मदद से न केवल कोयले पर निर्भरता कम हो रही है, बल्कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। लखनऊ, वाराणसी और कानपुर जैसे शहर सोलर सिटी के रूप में तेजी से विकसित हो रहे हैं, जो प्रदेश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को जल्द पूरा करने का संकेत है।

उत्तर प्रदेश में Solar installation का यह नया रिकॉर्ड साबित करता है कि प्रदेश अब बदलाव की राह पर है। बिजली बिल की चिंता छोड़कर लोग अब अपनी छत पर खुद की बिजली पैदा कर रहे हैं। अगर इसी रफ्तार से काम चलता रहा, तो वह दिन दूर नहीं जब यूपी देश का सबसे बड़ा ‘सोलर हब’ कहलाएगा।

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