जौनपुर: उत्तर प्रदेश के जौनपुर में राजनीति और समाजसेवा के नए समीकरण गढ़ रहे पूर्व आईएएस अधिकारी अभिषेक सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार उनकी चर्चा किसी फिल्म या ग्लैमर को लेकर नहीं, बल्कि सीधे आम आदमी की रसोई से जुड़ी समस्या के समाधान को लेकर हो रही है। जौनपुर की मिट्टी से जुड़ाव रखने वाले अभिषेक सिंह ने बढ़ती महंगाई और एलपीजी सिलेंडरों के आसमान छूते दामों के बीच जनपद वासियों को एक बड़ी सौगात दी है।
महंगाई के दौर में उपभोक्ताओं को ‘पावर’ फुल तोहफा
वर्तमान समय में जहां घरेलू बजट रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के कारण बिगड़ रहा है, वहीं अभिषेक सिंह ने तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा के मेल से इसका तोड़ निकाला है। अपनी संस्था ‘टेरा रेक्स एनर्जी’ (Terra Rex Energy) के कार्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों को पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करने का मंत्र दिया।
अभिषेक सिंह का मानना है कि केवल समस्याओं पर चर्चा करने से बेहतर है कि समाधान की दिशा में कदम बढ़ाए जाएं। इसी सोच के साथ उन्होंने ‘स्वच्छ ईंधन, बेहतर जीवन’ के संकल्प को जमीन पर उतारने की शुरुआत की है।
100 से अधिक परिवारों के खिले चेहरे: मुफ्त बांटे गए इंडक्शन
कार्यक्रम के दौरान जौनपुर के विभिन्न हिस्सों से आए लगभग 100 से अधिक लाभार्थियों को निःशुल्क इंडक्शन चूल्हे (Induction Cooktops) वितरित किए गए। मुफ्त उपहार पाकर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान साफ देखी जा सकती थी।
अभिषेक सिंह ने वितरण के दौरान लाभार्थियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने समझाया कि इंडक्शन चूल्हा न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि यह एलपीजी के मुकाबले काफी सस्ता भी पड़ता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा:
“आज के युग में तकनीक का लाभ केवल अमीर तबके तक सीमित नहीं रहना चाहिए। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी आधुनिक संसाधनों का लाभ मिलना अनिवार्य है। यह इंडक्शन चूल्हा आपकी मेहनत की कमाई बचाने में मददगार साबित होगा।”
पीएम मोदी के ‘नेट जीरो’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन को मजबूती
अभिषेक सिंह की यह पहल महज एक वितरण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा विजन छिपा है। संबोधन के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा संरक्षण और ‘सौर ऊर्जा’ के संकल्पों को दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत आज वैश्विक पटल पर ‘नेट जीरो’ उत्सर्जन के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है और जौनपुर को इस क्रांति का हिस्सा बनना होगा।
अभिषेक सिंह ने स्पष्ट किया: “प्रधानमंत्री जी का विजन देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। हमारा लक्ष्य जौनपुर को एक ऐसे मॉडल के रूप में विकसित करना है, जहां हर घर में स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग हो। आज जो इंडक्शन हम बांट रहे हैं, यह भविष्य की उस बड़ी तस्वीर का हिस्सा है जहां इन चूल्हों को सीधे सोलर पैनलों से जोड़ा जाएगा। इससे आने वाले समय में खाना बनाना पूरी तरह मुफ्त हो जाएगा।”
जौनपुर के विकास के लिए समर्पित ‘मिशन’
पूर्व आईएएस अभिषेक सिंह जब से सेवा से मुक्त हुए हैं, वे लगातार जौनपुर के सर्वांगीण विकास के लिए सक्रिय नजर आ रहे हैं। चाहे वह युवाओं को रोजगार के प्रति जागरूक करना हो, महिलाओं का सशक्तिकरण हो या फिर जौनपुर की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाना, अभिषेक सिंह हर मोर्चे पर डटे हैं।
स्थानीय जानकारों का कहना है कि अभिषेक सिंह सरकारी योजनाओं और जनता के बीच एक ‘सेतु’ का काम कर रहे हैं। वे निजी संसाधनों और अपनी संस्थाओं के माध्यम से उन सुविधाओं को जनता तक पहुंचा रहे हैं, जो अक्सर फाइलों में दबी रह जाती हैं।
धुएं से मुक्ति और सेहत का साथ
विशेषज्ञों के अनुसार, पारंपरिक चूल्हों या लकड़ी के ईंधन से निकलने वाला धुआं ग्रामीण महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा है। इंडक्शन चूल्हों के उपयोग से श्वसन संबंधी बीमारियों में कमी आएगी। इसके अलावा, टेरा रेक्स एनर्जी के माध्यम से अभिषेक सिंह जौनपुर में बड़े स्तर पर सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट्स लाने की तैयारी में हैं।
आने वाले समय में संभावित लाभ:
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रोजगार सृजन: सौर ऊर्जा के क्षेत्र में नए निवेश से स्थानीय युवाओं को तकनीकी क्षेत्र में काम मिलेगा।
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बिजली बिल में कटौती: रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देकर घरेलू बिजली के भारी-भरकम बिल से मुक्ति।
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पर्यावरण संरक्षण: कार्बन उत्सर्जन में कमी लाकर जौनपुर को प्रदूषण मुक्त बनाना।
जनता ने सराहा, बताया ‘जौनपुर का नया अध्याय’
कार्यक्रम के समापन पर मौजूद लोगों ने अभिषेक सिंह के इस कदम की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। लाभार्थियों का कहना था कि राजनेता अक्सर चुनाव के समय वादे करते हैं, लेकिन बिना किसी चुनाव के इस तरह सीधे मदद पहुंचाना अभिषेक सिंह की जौनपुर के प्रति ईमानदारी को दर्शाता है। जौनपुर की जनता अब उन्हें केवल एक पूर्व अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि विकास के अग्रदूत के रूप में देख रही है।
अभिषेक सिंह की यह मुहिम साफ संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में जौनपुर में ‘एनर्जी रिवॉल्यूशन’ यानी ऊर्जा क्रांति देखने को मिल सकती है, जो न केवल लोगों की जेब बचाएगी बल्कि उनके जीवन स्तर को भी आधुनिक बनाएगी।