LPG Crisis: क्या वाकई भारत में खत्म होने वाला है चूल्हा जलाने का ईंधन? 10 दिन के रिजर्व वाली खबर पर सरकार ने बताया ‘सच’

LPG Crisis

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नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच गहराते युद्ध के बाद वैश्विक स्तर पर तेल की आपूर्ति (Supply Chain) को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। इसी तनाव के बीच भारत में पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक डरावनी खबर वायरल हो रही है कि देश के पास केवल 5 से 10 दिनों का ही पेट्रोलियम और LPG रिजर्व बचा है। (LPG Crisis) शनिवार, 28 मार्च 2026 को केंद्र सरकार ने इन दावों पर कड़ा रुख अपनाते हुए ‘फैक्ट चेक’ (Fact Check) जारी किया और देशवासियों को असल स्थिति से अवगत कराया।

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सोशल मीडिया पर क्या था दावा?

पिछले 48 घंटों में एक्स (ट्विटर) और व्हाट्सएप पर कई ऐसी पोस्ट वायरल हुईं, जिनमें दावा किया गया कि युद्ध के कारण भारत की तेल सप्लाई लाइन कट गई है और अब देश में पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत होने वाली है। कुछ संदेशों में तो यहाँ तक कहा गया कि अगले हफ्ते से LPG सिलेंडरों (LPG Crisis) की डिलीवरी बंद हो जाएगी। इन खबरों के चलते कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जाने लगीं।

सरकार ने किया अफवाहों का खंडन: “पूरी तरह सुरक्षित है देश”

सोशल मीडिया पर मचे इस बवाल को शांत करते हुए केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि 5-10 दिन के रिजर्व वाली बात पूरी तरह से बेबुनियाद, झूठी और भ्रामक है। सरकार ने आधिकारिक बयान में कहा:

  • भारत के किसी भी राज्य में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं है।

  • ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह स्थिर है और सरकार हर पल इसकी निगरानी कर रही है।

  • आम नागरिकों को घबराने (Panic Buying) की बिल्कुल जरूरत नहीं है।

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भारत के पास असल में कितना स्टॉक है?

अक्सर लोग ‘स्टॉक’ और ‘रिजर्व’ के बीच कंफ्यूज हो जाते हैं। सरकार ने डेटा साझा करते हुए बताया कि भारत की रणनीति काफी मजबूत है:

  • कुल क्षमता: भारत के पास लगभग 74 दिनों की खपत के बराबर तेल रिजर्व रखने की क्षमता है।

  • वर्तमान स्टॉक: मौजूदा समय में देश के पास 60 दिनों (2 महीने) का स्टॉक उपलब्ध है।

  • इसमें कच्चा तेल (Crude Oil), रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद और जमीन के नीचे बने स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) शामिल हैं। यानी अगर कल से तेल का आयात पूरी तरह बंद भी हो जाए, तो भी भारत अगले दो महीनों तक बिना किसी बाधा के चल सकता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और भारत की तैयारी

युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव जरूर है, जहाँ से भारत का अधिकांश तेल गुजरता है। लेकिन पेट्रोलियम मंत्रालय ने पहले ही वैकल्पिक रूट और अन्य तेल उत्पादक देशों से संपर्क साध रखा है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी असत्यापित जानकारी पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी को ही सच मानें।

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