उत्तर प्रदेश के Kaushambi जिले से एक बहुत ही दुखद और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। शुक्रवार की देर रात नेशनल हाईवे-2 पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें 8 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। यह हादसा उस वक्त हुआ जब फतेहपुर के करौली गांव के कुछ लोग प्रयागराज से मुंडन संस्कार करवाकर खुशी-खुशी अपने घर लौट रहे थे। किसी ने सोचा भी नहीं था कि रास्ते में Kaushambi के पास उनकी खुशियां मातम में बदल जाएंगी।
मुंडन की खुशियां मातम में बदलीं
जानकारी के अनुसार, फतेहपुर जिले के करौली गांव में कुछ लोग एक पिकअप गाड़ी में सवार होकर मुंडन संस्कार के लिए प्रयागराज गए थे। लौटते समय Kaushambi जिले के सैनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अतसराय के पास अचानक गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क किनारे खड़े कंटेनर से इतनी जोर से टकराई कि मौके पर ही 8 लोगों की जान चली गई। Kaushambi पुलिस के मुताबिक, गाड़ी की रफ्तार तेज होने की वजह से ड्राइवर नियंत्रण खो बैठा और यह भयावह टक्कर हो गई। घटना में घायल 21 लोगों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

राहत और बचाव कार्य में जुटे स्थानीय लोग
पिकअप के परखच्चे उड़ चुके थे और चारों तरफ चीख-पुकार मची थी, हादसे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे। Kaushambi के स्थानीय लोगों ने अपनी सूझबूझ से घायलों को पिकअप से बाहर निकालना शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में सैनी थाना पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग की टीम भी वहां पहुंच गई। एम्बुलेंस के जरिए सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने शुरुआती जांच के बाद कई लोगों को मृत घोषित कर दिया। Kaushambi के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने पुष्टि की है कि मरने वालों में 5 महिलाएं और 3 मासूम बच्चे शामिल हैं।

गंभीर घायलों को प्रयागराज किया गया रेफर
Kaushambi के जिला अस्पताल और सिराथू के स्वास्थ्य केंद्र में घायलों का इलाज चल रहा है। हालांकि, दो लोगों की हालत बहुत ज्यादा नाजुक बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए प्रयागराज के स्वरूप रानी अस्पताल रेफर कर दिया गया है। Kaushambi एसपी राजेश कुमार ने खुद घटनास्थल का जायजा लिया और बताया कि पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। जैसे ही इस हादसे की खबर करौली गांव पहुंची, वहां सन्नाटा पसर गया और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।

तेज रफ्तार बनी हादसे की बड़ी वजह
शुरुआती जांच में Kaushambi पुलिस का मानना है कि पिकअप की ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार ही इस हादसे का मुख्य कारण हो सकती है। हाईवे पर रात के समय अक्सर वाहन चालक नियंत्रण खो देते हैं, जिससे इस तरह के बड़े हादसे होते हैं। प्रशासन अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या किसी अन्य वाहन ने पिकअप को टक्कर मारी थी या फिर यह केवल अनियंत्रित होकर पलटी थी। Kaushambi जिले के लोग इस घटना से बेहद दुखी हैं।
कौशाम्बी हादसे पर दुख जताते हुए मुख्यमंत्री ने प्रशासन को तेजी से राहत कार्य चलाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है. साथ ही, घायलों के समुचित इलाज का भरोसा भी दिया है
Kaushambi का यह सड़क हादसा हमें सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की चेतावनी देता है। यात्रा के दौरान सावधानी बरतना और ट्रैफिक नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है। प्रशासन को भी ओवरलोडेड वाहनों पर लगाम लगानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके। हमारी संवेदनाएं उन सभी परिवारों के साथ हैं जिन्होंने इस हादसे में अपनों को खोया है।
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