BRICS Summit 2026: नई दिल्ली का भारत मंडपम एक बार फिर वैश्विक कूटनीति का केंद्र बनने के लिए पूरी तरह तैयार है। 12 और 13 सितंबर को भारत की अध्यक्षता में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष सम्मेलन की आधिकारिक थीम “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” तय की गई है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने दो दिनों के दौरान आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रमों का विस्तृत शेड्यूल साझा कर दिया है।
पहले दिन के बैठकों की रूपरेखा
शनिवार, 12 सितंबर को ब्रिक्स सदस्य देशों के शीर्ष नेताओं का भारत मंडपम में आगमन होगा। दोपहर 2:35 बजे “इंक्लूसिव ग्लोबल गवर्नेंस एंड स्ट्रेंथनिंग मल्टीलेटरलिज्म” विषय पर बंद सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार और बहुपक्षवाद को मजबूत करने पर चर्चा होगी।
इसके बाद शाम 4:25 बजे नेता “भारत इनोवेट्स एग्जीबिशन” का अवलोकन करेंगे। शाम 5:05 बजे ग्रुप फोटो और 5:10 बजे संयुक्त वृक्षारोपण कार्यक्रम रखा गया है। दिन का समापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित गाला डिनर के साथ होगा, जो शाम 7:30 बजे भारत मंडपम के लेवल-3 पर आयोजित किया जाएगा।
दूसरे दिन साझेदार देशों के साथ ओपन सेशन
रविवार, 13 सितंबर को सुबह 9:55 बजे साझेदार देशों और ‘आउटरीच प्रोग्राम’ के तहत आमंत्रित राष्ट्रों के प्रमुख भारत मंडपम पहुंचेंगे। सुबह 10:35 बजे सभी नेताओं की संयुक्त तस्वीरें ली जाएंगी।
इसके बाद सुबह 10:50 बजे सम्मेलन का मुख्य ओपन सेशन शुरू होगा। इसका विषय “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी: शेपिंग द फ्यूचर फॉर इंक्लूसिव ग्लोबल ग्रोथ” रखा गया है। इस सत्र में ब्रिक्स के साथ-साथ आमंत्रित देशों के नेता वैश्विक आर्थिक विकास, व्यापार, तकनीक और भविष्य की साझा चुनौतियों पर विचार-विमर्श करेंगे।
ब्रिक्स की स्थापना के 20 वर्ष और भारत का नेतृत्व
वर्ष 2026 का ब्रिक्स सम्मेलन भारत के लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह समूह अपनी स्थापना के 20 साल पूरे कर रहा है। भारत चौथी बार इस संगठन की अध्यक्षता कर रहा है। अपनी अध्यक्षता के दौरान भारत ने देश के 25 से अधिक शहरों में 350 से ज्यादा उच्चस्तरीय बैठकें आयोजित की हैं। इस सम्मेलन से व्यापार, वित्त, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नया आयाम मिलने की उम्मीद है।







