Zero Tolerance Ghaziabad: सूर्या हत्याकांड के 24 घंटे में ‘योगी सरकार’ का महा-एक्शन | DD News UP

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Zero Tolerance Ghaziabad: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की “अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस” की नीति ने गाजियाबाद में एक बार फिर इतिहास रचते हुए सुशासन की सबसे बड़ी नजीर पेश की है। बेकसूर सूर्या की नृशंस हत्या के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों पर चलते हुए गाजियाबाद पुलिस और जिला प्रशासन ने जिस बिजली जैसी तेजी से कार्रवाई की, उसने पूरे प्रदेश में अपराधियों की रूह कंपा दी है। वारदात के महज 24 घंटे के भीतर कमिश्नरेट पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को एक साहसिक पुलिस एनकाउंटर (मुठभेड़) में मार गिराया। अपर पुलिस आयुक्त राजकरण नैय्यर के कुशल निर्देशन और डीसीपी ग्रामीण सुरेन्द्र तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रात भर ताबड़तोड़ दबिश दी, जिसके परिणामस्वरूप कानून को चुनौती देने वाले अपराधी का सुबह होने से पहले ही अंत हो गया। उत्तर प्रदेश पुलिस की यह अभूतपूर्व और प्रोफेशनल कार्रवाई साबित करती है कि योगीराज में कानून से खिलवाड़ करने वालों का अंजाम सिर्फ और सिर्फ मिट्टी में मिलना ही है।

तुष्टिकरण और अवैध कब्जों पर योगी सरकार का कड़ा प्रहार, 300 जवानों ने खाली कराई सरकारी जमीन

एक तरफ जहाँ पुलिस ने हत्यारे को यमलोक पहुंचाया, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘बुलडोजर मॉडल’ ने डासना में तुष्टिकरण और अवैध कब्जे की राजनीति को हमेशा के लिए जमींदोज कर दिया। हत्याकांड के बाद क्षेत्र में कोई भी असामाजिक तत्व सांप्रदायिक तनाव या वैमनस्य न फैला सके, इसके लिए प्रशासन ने अवैध निर्माणों के खिलाफ निर्णायक युद्ध छेड़ दिया। सुबह ठीक 6 बजे डीसीपी ग्रामीण सुरेन्द्र तिवारी की अगुवाई में 300 से अधिक यूपी पुलिस, पीएसी (PAC) और एनआरएफ (NRF) के जांबाज जवानों ने डासना में मोर्चा संभाला। बिना किसी बाधा और बिना किसी अप्रीतिकर घटना के महज दो घंटे के भीतर सरकारी जमीन को अवैध रूप से कब्जा करके बनाए गए मदरसे के चंगुल से पूरी तरह मुक्त करा लिया गया। यह ऐतिहासिक बुलडोजर एक्शन उन सभी भू-माफियाओं और मजहबी आड़ में सरकारी जमीनों को हड़पने वालों के लिए एक कड़ा और सीधा संदेश है कि उत्तर प्रदेश में अब सिर्फ और सिर्फ संविधान और कानून का राज चलेगा।

अभूतपूर्व प्रशासनिक तालमेल की ऐतिहासिक जीत, 12 घंटे में नोटिस से लेकर ध्वस्तीकरण तक की प्रक्रिया पूरी

पिछली सरकारों के कार्यकाल में जहाँ सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटाने में महीनों और सालों लग जाते थे और फाइलें सचिवालय में धूल फांकती रहती थीं, वहीं डबल इंजन की भाजपा सरकार में प्रशासनिक इच्छाशक्ति का एक अद्भुत नजारा देखने को मिला है। गाजियाबाद के राजस्व विभाग, पुलिस प्रशासन और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने एक आदर्श समन्वय दिखाते हुए मात्र 12 घंटे के रिकॉर्ड समय के भीतर कानूनी नोटिस से लेकर ध्वस्तीकरण (बुलडोजर चलाने) तक की सारी जटिल कागजी और जमीनी प्रक्रियाएं पूरी कर दीं। यह प्रशासनिक मुस्तैदी साफ तौर पर दर्शाती है कि जब राज्य का नेतृत्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसा दृढ़निश्चयी और पारदर्शी हो, तो पूरा सरकारी तंत्र देश की जनता को न्याय दिलाने के लिए रात-दिन एक कर सकता है।

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जिले भर में शुरू हुआ सरकारी जमीनों का महा-सर्वे, डीसीपी ग्रामीण ने कहा— “न अपराध बचेगा, न अवैध कब्जा”

इस महा-कार्रवाई की सफलता के बाद योगी सरकार के निर्देशों को जमीन पर उतारते हुए डीसीपी ग्रामीण सुरेन्द्र तिवारी ने साफ और कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि सूर्या हत्याकांड के बाद पूरे जिले में अपराध और अवैध कब्जों के खिलाफ एक व्यापक और राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप अब गाजियाबाद प्रशासन ने तत्काल पूरे जिले के भीतर सरकारी जमीनों, तालाबों और चरागाहों का एक विस्तृत सर्वे शुरू कर दिया है, ताकि जहाँ कहीं भी अवैध रूप से धार्मिक या व्यावसायिक निर्माण किए गए हैं, उन्हें चिन्हित कर हटाया जा सके। सरकार का यह संदेश अब बिल्कुल साफ और सीधा है कि उत्तर प्रदेश की धरती पर न तो अपराधियों को पनाह मिलेगी और न ही अवैध कब्जों के साम्राज्य को बर्दाश्त किया जाएगा।

स्थानीय जनता और व्यापारियों में लौटा भारी भरोसा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुशासन की चौतरफा सराहना

गाजियाबाद प्रशासन के इस त्वरित और न्यायप्रिय एक्शन से डासना सहित पूरे जिले की जनता और व्यापारिक वर्ग में सुरक्षा और न्याय के प्रति भारी विश्वास पैदा हुआ है। स्थानीय निवासियों ने खुली हवा में राहत की सांस लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गाजियाबाद पुलिस-प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त किया है। डासना के निवासी विनोद शर्मा ने बेहद गर्व के साथ कहा, “योगी सरकार ने यह दिखा दिया है कि अगर ठान लिया जाए तो 24 घंटे के भीतर न्याय कैसे जमीन पर उतरता है, अब यूपी में कदम रखने से पहले अपराधी सौ बार सोचेंगे ।” स्थानीय व्यापारियों ने भी पुलिस और सिविल प्रशासन की इस संयुक्त और साहसिक कार्रवाई की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा है कि इस ऐतिहासिक नजीर के बाद गाजियाबाद में उद्योग, व्यापार और कानून-व्यवस्था का माहौल और अधिक सुरक्षित व समृद्ध होगा।

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