World Sepsis Day पर किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग ने सेप्सिस के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समय पर उपचार की जरूरत पर जोर दिया।
विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) वेद प्रकाश ने कहा कि सेप्सिस गंभीर और जानलेवा स्थिति है, जिसमें हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। संक्रमण के प्रति शरीर की अत्यधिक प्रतिक्रिया से तेजी से अंगों को नुकसान पहुंच सकता है और गंभीर स्थिति में सेप्टिक शॉक हो सकता है। विशेषज्ञों ने बुखार, कम तापमान, तेज धड़कन, तेज सांस, मानसिक स्थिति में बदलाव, निम्न रक्तचाप और सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह दी। एंटीबायोटिक (Antibiotic) के गलत इस्तेमाल से बढ़ते एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस पर भी चिंता जताई गई।
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