West Bengal के दक्षिण 24 परगना जिले की हाईप्रोफाइल Falta विधानसभा सीट पर गुरुवार (21 मई) सुबह से ही कड़े सुरक्षा घेरे के बीच पुनर्मतदान (Repolling) की प्रक्रिया जारी है। चुनाव आयोग (ECI) के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, दोपहर 1 बजे तक निर्वाचन क्षेत्र में लगभग 60 प्रतिशत मतदान (Voter Turnout) दर्ज किया जा चुका है और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना या अशांति की सूचना नहीं मिली है।
गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने इस सीट पर पिछले मतदान के दौरान “लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने और चुनावी अनियमितताओं” की शिकायतों के बाद पुराने मतदान को रद्द कर सभी 285 मतदान केंद्रों पर नए सिरे से वोटिंग कराने का आदेश दिया था। फालता में पहले 29 अप्रैल को वोट डाले गए थे, जिसे आयोग ने अमान्य घोषित कर दिया था। इस सीट के मतों की गिनती 24 मई को की जाएगी।
Falta पुनर्मतदान से जुड़े मुख्य बिंदु और बड़े घटनाक्रम
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सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम (दोगुनी फोर्स तैनात): चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया है। हर एक पोलिंग बूथ की सुरक्षा के लिए 8 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों को तैनात किया गया है। यह संख्या 29 अप्रैल को हुए पिछले मतदान की तुलना में ठीक दोगुनी है, जब प्रति बूथ केवल 4 जवान तैनात थे। कुल मिलाकर केंद्रीय बलों की लगभग 35 कंपनियां मोर्चा संभाले हुए हैं।
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TMC उम्मीदवार जहांगीर खान ने नाम वापस लिया: मतदान से ठीक दो दिन पहले, मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार जहांगीर खान ने अचानक चुनावी मुकाबले से हटने की घोषणा कर दी। हालांकि, टीएमसी ने इस पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि यह खान का ‘व्यक्तिगत निर्णय’ था, न कि पार्टी का फैसला।
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मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का रोडशो और वादे: West Bengal के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस पुनर्मतदान से पहले फालता में एक विशाल रोडशो का नेतृत्व किया और जनता से कई बड़े वादे किए। उन्होंने घोषणा की कि साल 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद हुई राजनीतिक हिंसा से प्रभावित बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही Falta के विकास के लिए एक विशेष पैकेज देने की भी बात कही।
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बीजेपी प्रत्याशी देवांगशु पंडा का बड़ा दावा: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार देवांगशु पंडा ने इस पुनर्मतदान में पार्टी की ऐतिहासिक और भारी अंतर से जीत का दावा किया है। उन्होंने पूर्व में आरोप लगाया था कि कई बूथों पर ईवीएम मशीनों में बीजेपी के चुनाव चिह्न पर जानबूझकर टेप चिपकाए गए थे और कैमरों को घुमा दिया गया था, लेकिन इस बार कड़ी सुरक्षा के कारण कोई धांधली संभव नहीं है।
चुनाव आयोग को West Bengal में क्यों लेना पड़ा पुनर्मतदान का फैसला?
Falta विधानसभा सीट पर दोबारा चुनाव कराने का निर्णय विशेष पर्यवेक्षक सुजीत मिश्रा द्वारा सौंपी गई एक विस्तृत खोजी रिपोर्ट के बाद लिया गया। पर्यवेक्षक ने निर्वाचन क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों की सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की गहन समीक्षा की थी।
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फुटेज में गड़बड़ी: जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि कई पोलिंग स्टेशनों से वीडियो फुटेज गायब थे या उनके साथ छेड़छाड़ की गई थी।
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प्रक्रिया का गंभीर उल्लंघन: कई संवेदनशील बूथों पर नियमों का खुला उल्लंघन देखा गया था, जिसमें कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा मतदाताओं को डराने-धमकाने, ईवीएम बटन को प्रभावित करने के लिए गोंद या इत्र (Perfume) जैसी सामग्रियों का इस्तेमाल करने और फर्जी वोटिंग (Proxy Voting) कराने की गंभीर शिकायतें सही पाई गई थीं। इसी रिपोर्ट के आधार पर आयोग ने निष्पक्षता बहाल करने के लिए संपूर्ण सीट पर नए सिरे से मतदान का ऐतिहासिक आदेश जारी किया।







