Varanasi, जहां विश्वनाथ धाम (Kashi Vishwanath Dham) के साथ मां विशालाक्षी देवी मंदिर (Vishalakshi Temple) की भी विशेष धार्मिक मान्यता है। मान्यता है कि यहां माता सती के कुंडल गिरे थे। विशालाक्षी का अर्थ है विशाल नेत्रों वाली देवी। मंदिर में प्राचीन प्रतिमा के साथ वर्ष 1971 में शंकराचार्य द्वारा स्थापित नई प्रतिमा भी मौजूद है।
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, स्वप्न में देवी के निर्देश मिलने के बाद शंकराचार्य ने नई प्रतिमा स्थापित कराई थी। यह मंदिर काशी विश्वनाथ कॉरिडोर (Kashi Vishwanath Corridor) के दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में स्थित है। मान्यता है कि बाबा विश्वनाथ के दर्शन के बाद विशेष रूप से दक्षिण भारत से आने वाले श्रद्धालु मां विशालाक्षी के दर्शन जरूर करते हैं।
Kashi में कई ऐसे प्राचीन देवी मंदिर हैं, जहां नवरात्रि के दौरान भक्तों की भीड़ उमड़ती है। इन मंदिरों से जुड़ी मान्यताएं भी काफी अलग हैं। कहीं लोग ताला-चाबी चढ़ाकर बंधनों से मुक्ति की कामना करते हैं, तो कहीं पांच कौड़ियां चढ़ाने की परंपरा है। “काशी की धार्मिक पहचान भगवान शिव और मां आदिशक्ति की पूजा से जुड़ी है। नवरात्रि का यह पर्व मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा का विशेष मौका देता है।
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