Varanasi flood: वाराणसी में लगातार बढ़ रहे गंगा के जलस्तर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। शहर के कई इलाकों में पानी भरने के बाद प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद दिख रहा है। इसी बीच खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थानीय अधिकारियों से बात कर वहां के हालात का हालचाल लिया है।
प्रधानमंत्री ने वाराणसी के महापौर और जिलाधिकारी को फोन कर राहत और बचाव कार्य की सीधी जानकारी ली। अपने संसदीय क्षेत्र के लोगों को राहत पहुंचाने के लिए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों की मदद में कोई ढील न बरती जाए। प्रशासन का पूरा ध्यान इस बात पर है कि लोगों को कम से कम दिक्कतों का सामना करना पड़े।
गंगा नदी का पानी चेतावनी स्तर को पार कर गया है, जिसके चलते प्रशासन ने एहतियात के तौर पर नावों की आवाजाही पर तुरंत रोक लगा दी है। गंगा के साथ-साथ वरुणा नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है, जिससे तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिला प्रशासन पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अपील कर रहा है कि वे सुरक्षा के लिहाज से घाटों और तेज बहाव वाले पानी से दूर रहें।
बाढ़ से प्रभावित लोगों को सहारा देने के लिए शहर में 13 राहत शिविर बनाए गए हैं। इन शिविरों में बुधवार तक करीब 219 परिवारों के 935 लोग शरण ले चुके हैं। शिविरों में रहने वाले लोगों के लिए खाने-पीने, दवाइयों और रुकने की पूरी व्यवस्था की गई है ताकि उन्हें कोई परेशानी न हो।
गंगा और वरुणा के तटीय इलाकों के अलावा शहर की बस्तियों में भी जलभराव की समस्या देखने को मिल रही है। ऐसे में राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमें लगातार गश्त लगा रही हैं और प्रभावित लोगों तक जरूरी सेवाएं पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। अगर आप भी वाराणसी में रहते हैं या नदी के आसपास के इलाकों में हैं, तो प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का जरूर पालन करें।
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