Uttar Pradesh News : शारदीय नवरात्रि की महाअष्टमी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां महागौरी का स्मरण करते हुए महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की तरक्की तभी संभव है, जब महिलाएं स्वस्थ, सुरक्षित और आर्थिक रूप से मजबूत हों। मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रदेश में महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए पोषण, शिक्षा, रोजगार और आर्थिक स्वावलंबन से जुड़ी कई पहल की गई हैं।
नारी शक्ति सशक्तिकरण पर सीएम योगी का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार महिलाओं को विकास में सक्रिय भागीदार बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने मां महागौरी की आराधना का उल्लेख करते हुए कहा कि हर मां का स्वस्थ और सुरक्षित होना, हर बेटी को बेहतर पोषण और भविष्य मिलना जरूरी है। साथ ही, महिलाओं को सम्मान के साथ आत्मनिर्भर जीवन जीने के अवसर मिलने चाहिए।
सीएम योगी ने टेक होम राशन व्यवस्था का जिक्र करते हुए बताया कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को राशन के उत्पादन और वितरण की जिम्मेदारी दी गई है। सरकार के अनुसार, इस पहल से व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और महिलाओं को रोजगार के अवसर देने में मदद मिली है। इस व्यवस्था का एक उद्देश्य बच्चों तक पोषण से जुड़ी सेवाएं बेहतर तरीके से पहुंचाना भी है। इससे महिलाओं को आमदनी का साधन मिला और वे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में योगदान दे सकती हैं।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मानदेय में बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका पर भी बात की। उन्होंने कहा कि बच्चों के पोषण और शुरुआती शिक्षा में इन महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। सीएम योगी के मुताबिक, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय 3,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये प्रतिमाह किया गया है। इसके साथ ही उन्हें स्वास्थ्य बीमा का लाभ देने की बात भी कही गई। इन कदमों का उद्देश्य उनके काम को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा देना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बलिनी, सामर्थ्य, काशी, बाबा गोरखनाथ और सृजनी जैसी दुग्ध उत्पादक कंपनियों से 31 जिलों की चार लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। इनके जरिए महिलाएं दुग्ध उत्पादन को कमाई और उद्यमिता का साधन बना रही हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में मदद मिल सकती है।
स्वयं सहायता समूहों और लखपति दीदी पर जोर
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में एक करोड़ 20 लाख से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। वहीं, बीसी सखी पहल के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। लखपति दीदी पहल के जरिए महिलाओं को नियमित आय बढ़ाने और अपने हुनर को कमाई में बदलने के अवसर मिल रहे हैं। इससे महिलाएं अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में अधिक सक्षम बन सकती हैं।