UP Sawan Kanwar yatra: सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई से शुरू होने जा रहा है और इसको लेकर प्रदेश भर में प्रशासनिक हलचल बढ़ गई है। शिव भक्तों की आस्था से जुड़ी इस यात्रा को सुरक्षित, स्वच्छ और सुगम बनाने के लिए शासन स्तर पर लगातार बैठकें हो रही हैं। इस बार कांवड़ यात्रा के दौरान साफ-सफाई, बिजली आपूर्ति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
हाल ही में नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव पी. गुरुप्रसाद और ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. आशीष गोयल ने कांवड़ यात्रा के प्रबंधों की समीक्षा की। आइए जानते हैं कि इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए क्या-क्या खास कदम उठाए जा रहे हैं।
कमांड सेंटर से होगी सफाई की लाइव मॉनिटरिंग
इस बार कांवड़ यात्रा मार्गों और प्रमुख शिव मंदिरों के आसपास स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। नगर विकास विभाग ने यह तय किया है कि कांवड़ मार्गों की सफाई व्यवस्था पर सीधे जिला नियंत्रण कक्ष और कमांड सेंटर (DCCC) के जरिए नजर रखी जाएगी।
स्थानीय निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी शिवालयों और यात्रा मार्गों पर अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती की जाए। साथ ही, सड़कों के किनारे उगी झाड़ियों की कटाई, नालियों की सफाई और बेसहारा पशुओं को पकड़ने का काम भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा गया है।
सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर रहेगा सख्त बैन (Singal use plastic ban)
पर्यावरण को नुकसान से बचाने के लिए इस बार कांवड़ यात्रा को ‘जीरो प्लास्टिक इवेंट’ के रूप में मनाने की योजना है। कांवड़ शिविरों में प्लास्टिक कैरी बैग, थर्मोकोल के कप, प्लेट और गिलास के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक रहेगी।
प्रशासन की ओर से प्रतिबंधित प्लास्टिक उत्पादों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा, यात्रियों और स्थानीय नागरिकों को भी प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने के प्रति जागरूक किया जाएगा।
अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था और सैनिटाइजेशन
श्रद्धालुओं की सहूलियत को देखते हुए यात्रा मार्गों पर जगह-जगह पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग अस्थायी शौचालय बनाए जाएंगे। इन शौचालयों में दिन में कम से कम दो बार नियमित सफाई और सैनिटाइजेशन सुनिश्चित किया जाएगा। बीमारियों के फैलाव को रोकने के लिए सड़कों और शिविर स्थलों के आसपास ब्लीचिंग पाउडर और चूने का छिड़काव भी किया जाएगा।
बिजली व्यवस्था और सुरक्षा के लिए कड़े निर्देश
सावन में बारिश के मौसम को देखते हुए बिजली दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इसे देखते हुए पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने निर्देश जारी किए हैं कि सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों के पास बिजली के तारों और खंभों की समय रहते मरम्मत करा ली जाए।
अगर बारिश के दौरान कहीं फॉल्ट होता है, तो उसे कम से कम समय में ठीक करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही, बिजली कर्मचारियों को बिना सुरक्षा उपकरणों के कोई भी मरम्मत का काम न करने की हिदायत दी गई है, ताकि किसी हादसे से बचा जा सके।
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