Ghaziabad: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। ‘ईज ऑफ लिविंग’ और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए भाजपा सरकार ने Ghaziabad के डूंडाहेड़ा में प्रदेश का पहला और अनोखा बायो-सीएनजी (Bio-CNG) प्लांट लगाने की मंजूरी दे दी है। इस प्लांट की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें सीवर के गंदे पानी (अपशिष्ट जल) को शोधित कर बायोगैस बनाई जाएगी, जिसे बाद में उच्च गुणवत्ता वाली बायो-सीएनजी में बदला जाएगा।
भाजपा सरकार के इस विज़नरी प्रोजेक्ट के लिए Ghaziabad नगर निगम और संबंधित तकनीकी कंपनी के बीच आधिकारिक समझौता (करार) भी संपन्न हो चुका है। यह महत्वाकांक्षी प्लांट आगामी एक वर्ष के भीतर पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा।
महापौर और नगर आयुक्त की मौजूदगी में हुआ ऐतिहासिक संधि
Ghaziabad नगर निगम के सभागार में बुधवार को इस ऐतिहासिक परियोजना पर मुहर लगी। भाजपा की वरिष्ठ नेता व महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की गरिमामयी मौजूदगी में प्लांट लगाने वाली कंपनी के साथ अनुबंध (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
नगर आयुक्त ने बताया कि यह दूरदर्शी परियोजना पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत ‘बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर’ (BOT) के आधार पर विकसित की जा रही है, जो सरकार की पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल नीतियों का एक बड़ा उदाहरण है।
पीएम मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘स्वच्छ ऊर्जा’ के विज़न को रफ्तार
यह ऐतिहासिक विकास ऐसे समय में सामने आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक स्तर पर पश्चिम एशिया के संकट को देखते हुए देश को पेट्रोलियम उत्पादों के संयमित और वैकल्पिक इस्तेमाल की राह दिखाई है। प्रधानमंत्री मोदी के इसी विज़न को धरातल पर उतारते हुए योगी सरकार उत्तर प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रही है।
-
हरित ऊर्जा का संकल्प: पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत आज सौर ऊर्जा के क्षेत्र में दुनिया के शीर्ष देशों में शुमार हो चुका है।
-
एथनॉल और बायोगैस पर फोकस: पेट्रोल में एथनॉल ब्लेंडिंग की अभूतपूर्व सफलता के बाद अब कचरे और अपशिष्ट जल से गैस बनाने की यह तकनीक देश की विदेशी तेलों पर निर्भरता को कम करने में मील का पत्थर साबित होगी।
Ghaziabad प्रोजेक्ट की बड़ी बातें: 3050 घरों और 350 वाहनों को मिलेगी ऊर्जा
डबल इंजन सरकार का यह प्रोजेक्ट Ghaziabad को प्रदूषण मुक्त बनाने और पर्यावरण की गुणवत्ता सुधारने में गेमचेंजर साबित होने वाला है:
-
बंपर उत्पादन: डूंडाहेड़ा स्थित एसटीपी (STP) केंद्र पर प्रतिदिन 70 एमएलडी (MLD) सीवर के पानी को प्रोसेस कर करीब 1700 किलो शुद्ध बायो-सीएनजी का उत्पादन किया जाएगा।
-
बड़ी राहत: इस प्लांट से उत्पादित गैस का सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा। रोजाना तैयार होने वाली इस गैस से लगभग 3050 घरों की रसोई और 350 वाहनों को स्वच्छ ईंधन की आपूर्ति की जा सकेगी।
-
मीथेन उत्सर्जन में भारी कमी: हवा में जहर घोलने वाली मीथेन गैस को यह प्लांट सीधे स्वच्छ ऊर्जा में तब्दील कर देगा, जिससे जलवायु परिवर्तन नियंत्रण में यूपी का बड़ा योगदान होगा।
सफल रहा मॉडल तो पूरे यूपी में बिछेगा आधुनिक प्लांट्स का जाल
नगर आयुक्त ने गौरव के साथ यह दावा किया है कि यह उत्तर प्रदेश का ऐसा पहला अत्याधुनिक प्लांट है, जिसे सरकार की दूरगामी सोच के तहत धरातल पर उतारा जा रहा है। Ghaziabad का यह प्रोजेक्ट एक रोल मॉडल की तरह काम करेगा। इसके पूरी तरह सफल होते ही योगी सरकार भविष्य में प्रदेश के अन्य सभी बड़े जिलों के एसटीपी (STP) केंद्रों पर भी इसी तरह के आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बायो-सीएनजी प्लांट स्थापित करेगी, जिससे उत्तर प्रदेश ग्रीन एनर्जी के मामले में देश का नंबर वन राज्य बन सके।







