क्रिकेट की दुनिया से एक बहुत ही दिलचस्प और बड़ी खबर सामने आई है। अक्सर हम पुरुष खिलाड़ियों को महिला टीमों को कोच करते देखते हैं, लेकिन इस बार इंग्लैंड क्रिकेट ने एक नई मिसाल पेश की है। इंग्लैंड की पूर्व दिग्गज विकेटकीपर Sarah Taylor अब न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड की पुरुष टीम को फील्डिंग के गुर सिखाती नजर आएंगी।
यह फैसला न केवल महिला क्रिकेट बल्कि पूरे खेल जगत के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। चलिए जानते हैं कि आखिर ईसीबी (ECB) ने यह फैसला क्यों लिया और सारा टेलर का अब तक का सफर कैसा रहा है।

कोच के रूप में नई भूमिका
इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के क्रिकेट निदेशक रॉब की ने बुधवार को घोषणा की कि Sarah Taylor न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी सीरीज के लिए सीनियर पुरुष टेस्ट टीम की फील्डिंग कोच होंगी। दरअसल, वर्तमान फील्डिंग कोच कार्ल हॉपकिंसन फिलहाल आईपीएल में मुंबई इंडियंस के साथ व्यस्त हैं, जिसके चलते बोर्ड को एक कुशल रिप्लेसमेंट की तलाश थी।
रॉब की (इंग्लैंड पुरुष क्रिकेट टीम के प्रबंध निदेशक) ने बताया कि Sarah Taylor अपने काम में माहिर हैं और उन्हें सर्वश्रेष्ठ लोगों में गिना जाता है। उन्होंने पहले भी इंग्लैंड लायंस (इंग्लैंड ‘ए’ टीम) के साथ एंड्रयू फ्लिंटॉफ के मार्गदर्शन में काम किया है, जहाँ उनके प्रदर्शन की काफी तारीफ हुई थी। इसी अनुभव को देखते हुए उन्हें अब सीनियर टीम के साथ जोड़ा गया है।

एक शानदार और यादगार करियर
जब बात महिला क्रिकेट के इतिहास की आती है, तो Sarah Taylor का नाम सबसे महान खिलाड़ियों में लिया जाता है। 2006 में डेब्यू करने वाली इस खिलाड़ी ने विकेट के पीछे अपनी फुर्ती से कीपिंग के नए मानक तय किए थे। उन्होंने इंग्लैंड के लिए 10 टेस्ट, 126 वनडे और 90 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं।
सिर्फ विकेटकीपिंग ही नहीं, बल्लेबाजी में भी उनका रिकॉर्ड काफी प्रभावशाली है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों को मिलाकर 6500 से ज्यादा रन बनाए हैं, जिसमें 7 शतक और 38 अर्धशतक शामिल हैं। Sarah Taylor उस इंग्लैंड टीम का अहम हिस्सा रही हैं जिसने 2009 में वनडे और टी-20 वर्ल्ड कप जीता था। साथ ही 2017 के वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में भारत के खिलाफ खेली गई उनकी 45 रनों की पारी आज भी फैंस को याद है।
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पुरुषों की टीम के साथ पहले का अनुभव
यह पहली बार नहीं है जब Sarah Taylor किसी पुरुष टीम के साथ काम कर रही हैं। इससे पहले वह ससेक्स की पुरुषों की टीम और ‘मैनचेस्टर ऑरिजिनल्स’ के साथ भी कोच के तौर पर जुड़ी रही हैं। उनकी कोचिंग शैली से दिग्गज एंड्रयू फ्लिंटॉफ और एड बर्नी जैसे लोग काफी प्रभावित रहे हैं।
रॉब की का मानना है कि उनकी तकनीकी समझ फील्डिंग के स्तर को और बेहतर बनाएगी। फिलहाल उन्हें एक छोटे अनुबंध की पेशकश की गई है, लेकिन अगर टीम का प्रदर्शन अच्छा रहता है, तो भविष्य में उनके लिए और भी बड़े रास्ते खुल सकते हैं।
क्रिकेट एक ऐसा खेल है जहाँ प्रतिभा की कद्र होनी चाहिए, चाहे वह महिला हो या पुरुष। Sarah Taylor की यह नियुक्ति इस बात का प्रमाण है कि काबिलियत ही सबसे ज्यादा मायने रखती है। उम्मीद है कि उनकी निगरानी में इंग्लैंड की फील्डिंग में और भी पैनापन देखने को मिलेगा। क्रिकेट फैंस के लिए यह देखना वाकई रोमांचक होगा कि विकेटों के पीछे बिजली सी तेजी दिखाने वाली यह दिग्गज अब कोच की भूमिका में क्या कमाल करती है।







