UP Election : संगठन के दम पर सत्ता हासिल करने वाली भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों से पहले अपने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में नया जोश भरने की कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष शुक्रवार को लखनऊ पहुंच रहे हैं, जहां वे प्रदेश नेतृत्व, क्षेत्रीय प्रभारियों और विभिन्न मोर्चों की टीमों के साथ अहम बैठकें करेंगे। शनिवार को बीएल संतोष कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की परिचय बैठक में शामिल होकर जमीनी स्तर की चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देंगे। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के भी सीधे कानपुर पहुंचने की संभावना है। हालांकि, उनके 12 और 13 सितंबर को होने वाले मेरठ दौरे को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। वहीं, प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े 15 से 20 सितंबर के बीच यूपी का दौरा करेंगे। बीएल संतोष के इस दौरे में 82 विधानसभा सीटों वाले अवध क्षेत्र और 52 सीटों वाले कानपुर क्षेत्र की समीक्षा को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दरअसल, वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को इन दोनों ही क्षेत्रों में उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिले थे और काफी नुकसान उठाना पड़ा था। यही वजह है कि केंद्रीय नेतृत्व अब इन क्षेत्रों में संगठन की पकड़ दोबारा मजबूत करने पर पूरा ध्यान केंद्रित कर रहा है।
एनडीए सहयोगियों और शीर्ष नेतृत्व से समन्वय
इससे पहले 4 जुलाई को लखनऊ प्रवास के दौरान नितिन नवीन और बीएल संतोष ने मुख्यमंत्री और दोनों उप मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर सरकार व संगठन के बीच तालमेल पर चर्चा की थी। उस समय कार्यकर्ताओं को चुनावी माहौल के हिसाब से ढालने के लिए प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया था। इसके अलावा, नितिन नवीन ने अपना दल (एस), राष्ट्रीय लोकदल (रालोद), निषाद पार्टी और सुभासपा जैसे एनडीए के सहयोगी दलों के साथ समन्वय बैठक भी की थी। इसके बाद प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने भी 5 सितंबर को लखनऊ में शीर्ष नेतृत्व और पदाधिकारियों के साथ चुनावी तैयारियों का जायजा लिया था।
अभियानों की समीक्षा और कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन
लखनऊ और कानपुर प्रवास के दौरान बीएल संतोष पार्टी द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों की समीक्षा भी करेंगे। इनमें संत रविदास जयंती के उपलक्ष्य में 29 जुलाई से 20 फरवरी 2027 तक चलने वाला छह महीने का ‘समरसता संकल्प अभियान’, अगस्त में आयोजित ‘तिरंगा अभियान’ और आगामी ‘सेवा संकल्प माह’ की तैयारियां शामिल हैं। इन अभियानों का मुख्य मकसद जनता से सीधा संवाद कायम करना और पार्टी के आधार को और मजबूत बनाना है।







