BRICS Summit 2026 : भारत की राजधानी नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वास जताया है कि इस दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान वैश्विक कल्याण और सहयोग पर सार्थक चर्चा होगी। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक संस्कृत श्लोक साझा करते हुए इस सम्मेलन के महत्व को रेखांकित किया है। भारत की 2026 की अध्यक्षता में आयोजित हो रहे इस शिखर सम्मेलन में BRICS के सदस्य देशों और साझेदार राष्ट्रों के प्रमुख नेता शामिल हो रहे हैं।
पुतिन के साथ होगी पीएम मोदी की अहम बैठक
शिखर सम्मेलन की आधिकारिक शुरुआत से पहले शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक होने जा रही है। इस बैठक में भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर गहन चर्चा की उम्मीद है। इसके अलावा, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन BRICS बिजनेस फोरम के पूर्ण सत्र को भी संबोधित करेंगे, जहां सदस्य देशों के शीर्ष कारोबारी प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
बहुपक्षीय मंच और ग्लोबल साउथ की आवाज
BRICS आज दुनिया की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच तालमेल बिठाने का एक सबसे मजबूत माध्यम बन चुका है। यह समूह व्यापार, वित्त, तकनीक, विकास और लोगों के बीच आपसी संपर्क को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है। विशेष रूप से बहुपक्षीय संस्थाओं में ग्लोबल साउथ के देशों की प्राथमिकताओं, अधिकारों और आकांक्षाओं को वैश्विक मंच पर रखने के लिए BRICS एक प्रभावशाली आवाज बनकर उभरा है।
चौथी बार भारत के पास BRICS की कमान
भारत 2026 में चौथी बार BRICS समूह की अध्यक्षता कर रहा है। इस बार भारत की अध्यक्षता की आधिकारिक थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” रखी गई है। इस थीम का मुख्य उद्देश्य समूह की मौजूदा उपलब्धियों को मजबूत करने के साथ-साथ नवाचार, सतत विकास और आर्थिक सुदृढ़ता को प्राथमिकता देना है। भारत का हमेशा से यह प्रयास रहा है कि BRICS को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक समाधान-केंद्रित और रचनात्मक मंच के रूप में आगे बढ़ाया जाए।







