Red Alert: भारत इस समय मौसम के दोहरे और बेहद खतरनाक मिजाज का सामना कर रहा है। एक तरफ जहां उत्तर प्रदेश के 30 से ज्यादा जिलों में बुधवार को आए भीषण आंधी-तूफान ने 104 लोगों की जान ले ली, वहीं दूसरी ओर राजस्थान और मध्य प्रदेश भीषण हीटवेव (लू) की चपेट में हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यूपी में केवल जनहानि ही नहीं, बल्कि 130 पशुओं की मौत और करीब 98 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की खबर है।
यूपी में ‘मौत की आंधी’: 80kmph की रफ्तार और फिर तबाही
प्रयागराज और अयोध्या समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बुधवार का दिन काली यादें छोड़ गया।
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प्रयागराज और भदोही सबसे प्रभावित: प्रयागराज में सबसे ज्यादा 21 और भदोही में 17 लोगों की मौत हुई है।
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हैरान करने वाली घटना: बरेली में आंधी इतनी तेज थी कि एक शख्स टिनशेड समेत हवा में उड़ गया।
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सरकारी आंकड़ा: प्रदेश में अब तक 104 मौतें, 52 घायल और भारी मात्रा में संपत्ति का नुकसान दर्ज किया गया है। आज भी 51 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी है।
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क्यों बेकाबू हो रहा है मौसम?
वैज्ञानिकों का मानना है कि इस साल मौसम में दिख रहे इन चरम बदलावों (Extreme Weather) के पीछे ‘El Nino‘ का बड़ा हाथ है।
क्या है एल नीनो (El Nino) और यह मौसम को कैसे बदलता है?
‘एल नीनो’ एक वैश्विक मौसमी घटना है, जो प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय क्षेत्र में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक गर्म होने के कारण पैदा होती है। जब समुद्र की यह गरमी बढ़ती है, तो दुनिया भर के वायुमंडल और हवाओं के चक्र (Wind Patterns) में बड़ा बदलाव आता है। भारत के संदर्भ में, एल नीनो के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर पड़ जाता है, जिससे देश में सूखा पड़ने की आशंका बढ़ जाती है। साथ ही, प्री-मानसून सीजन (अप्रैल-मई) के दौरान यह हवा में अत्यधिक अस्थिरता और भीषण गर्मी पैदा करता है, जिसके परिणामस्वरूप अचानक खतरनाक धूल भरी आंधियां, चक्रवात और भीषण लू (Heatwave) जैसी चरम मौसमी परिस्थितियां बनने लगती हैं।
एल नीनो का प्रभाव: प्रशांत महासागर के गर्म होने से वैश्विक हवाओं का पैटर्न बदल जाता है। इसके कारण भारत में प्री-मानसून सीजन के दौरान तापमान सामान्य से काफी ऊपर चला जाता है। अधिक गर्मी के कारण वायुमंडल में अस्थिरता पैदा होती है, जो अचानक और विनाशकारी आंधी-तूफान (Thunderstorms) का रूप ले लेती है। यही कारण है कि एक तरफ आसमान से आग बरस रही है और दूसरी तरफ जानलेवा धूल भरी आंधियां चल रही हैं।
राजस्थान और एमपी में ‘हीटवेव’ का टॉर्चर
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राजस्थान (Red Alert): जैसलमेर लगातार चौथे दिन 46.1°C के साथ देश का सबसे गर्म शहर रहा। जोधपुर, बीकानेर और बाड़मेर में आज ‘रेड अलर्ट’ है।
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मध्य प्रदेश (Orange Alert): खजुराहो में पारा 45.4°C तक पहुंच गया है। इंदौर और उज्जैन जैसे शहरों में ‘वार्म नाइट’ (गर्म रात) का अलर्ट है, यानी रात में भी चैन नहीं मिलेगा।
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हरियाणा और बिहार: हरियाणा में 17 मई से हीटवेव शुरू होगी, जबकि बिहार के कुछ हिस्सों में आज बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ है।
बचाव और सावधानी
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि आंधी या बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों के नीचे या जर्जर इमारतों में शरण न लें। हीटवेव वाले इलाकों में दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें।







