CM Yogi नई दिल्ली/लखनऊ: उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। CM Yogi ने गुरुवार को अचानक देश की राजधानी दिल्ली का दौरा किया, जहां उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर मुलाकात की। दोपहर करीब 3 बजे हुई यह बैठक लगभग आधे घंटे तक चली।
राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि 10 मई को उत्तर प्रदेश कैबिनेट में शामिल किए गए 6 नए मंत्रियों और प्रमोट हुए 2 मंत्रियों को अभी तक विभागों (Portfolios) का आवंटन नहीं हुआ है।
विभागों के आवंटन पर फंसा पेंच सुलझाने का प्रयास
मंत्रिमंडल विस्तार के 5 दिन बीत जाने के बाद भी मंत्रियों को विभागों की जिम्मेदारी नहीं सौंपी जा सकी है, हालांकि उन्हें दफ्तर (Offices) अलॉट कर दिए गए हैं।
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रणनीतिक दखल: सूत्रों का कहना है कि जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को साधने के बाद, अब भारी-भरकम और मलाईदार विभागों के बंटवारे को लेकर जारी गतिरोध को दूर करने के लिए बीजेपी के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह और CM Yogi के बीच विस्तृत चर्चा हुई है।
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अन्य दिग्गज नेताओं से मुलाकात की संभावना: CM Yogi अपने इस दिल्ली दौरे के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से भी मुलाकात कर सकते हैं।
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मिशन 2027: सोशल इंजीनियरिंग और नए मंत्रियों का समीकरण
इस बैठक का सीधा कनेक्शन साल 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है। हालिया कैबिनेट विस्तार के जरिए भाजपा ने पश्चिम से लेकर पूर्वांचल तक हर वर्ग को साधने की कोशिश की है। उत्तर प्रदेश सरकार में अब CM Yogi और दो उप-मुख्यमंत्रियों को मिलाकर कुल 60 मंत्री हो चुके हैं। आइए जानते हैं किन चेहरों के इर्द-गिर्द बुनी जा रही है रणनीति:
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भूपेंद्र चौधरी: कैबिनेट मंत्री के रूप में वापसी हुई है। केंद्रीय नेतृत्व का भरोसा बनाए रखने का इन्हें इनाम मिला है।
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मनोज पांडे: समाजवादी पार्टी से बगावत कर पाला बदलने वाले ऊंचाहार के विधायक को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।
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कृष्णा पासवान: राज्य मंत्री नियुक्त की गई हैं। इनके जरिए भाजपा ‘पासी समाज’ और महिला प्रतिनिधित्व को मजबूत करना चाहती है।
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हंसराज विश्वकर्मा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के पूर्व जिला अध्यक्ष रहे हंसराज को राज्य मंत्री बनाकर ओबीसी वर्ग को साधा गया है।
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सुरेंद्र दिलेर: महज 33 वर्ष की उम्र में कैबिनेट के सबसे युवा मंत्री बने हैं, जो वाल्मीकि समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं।
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कैलाश राजपूत: इन्हें भी राज्य मंत्री के तौर पर टीम योगी में जगह मिली है।
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अजीत पाल सिंह: राज्य मंत्री से प्रमोट कर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है, ताकि पाल समाज में पकड़ और मजबूत हो।
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सोमेंद्र तोमर: इन्हें भी स्वतंत्र प्रभार का राज्य मंत्री बनाया गया है, जिससे पश्चिमी यूपी में गुर्जर समुदाय को एकजुट किया जा सके।
संगठन में भी बड़े बदलावों के संकेत
चर्चा है कि विभागों के बंटवारे के तुरंत बाद उत्तर प्रदेश भाजपा संगठन में भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कई मंत्रियों को संगठन की जिम्मेदारी दी जा सकती है, वहीं संगठन के कुछ चेहरों को सरकार के कामकाज से जोड़ा जा सकता है। दिल्ली में हुई इस बैठक के बाद माना जा रहा है कि अगले 24 से 48 घंटों के भीतर सभी नए मंत्रियों के विभागों की आधिकारिक सूची जारी कर दी जाएगी।







