Teachers’ Day: भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान दार्शनिक और प्रख्यात शिक्षाविद ‘भारत रत्न’ डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर आज देशभर में शिक्षक दिवस (Teachers’ Day) की धूम है। इस खास मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत देश के कई बड़े नेताओं ने डॉ. राधाकृष्णन को याद करते हुए उन्हें नमन किया है।
तमाम मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों ने सोशल मीडिया के जरिए देश के सभी गुरुजनों और शिक्षकों को बधाई दी है। आइए जानते हैं कि इस पावन अवसर पर नेताओं ने क्या संदेश दिए हैं।
शिक्षक दिवस पर डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पर लिखा कि प्रख्यात शिक्षाविद, महान दार्शनिक और भारतीय ज्ञान-परंपरा के प्रखर संवाहक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के भविष्य को ज्ञान, संस्कार और चरित्र की ज्योति से आलोकित करने वाले सभी गुरुजनों को नमन तथा सभी प्रदेश वासियों और शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई।
वहीं, यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने डॉ. राधाकृष्णन के विचारों को याद करते हुए लिखा कि किताबें पढ़ने से हमें एकांत में विचार करने की आदत और सच्ची खुशी मिलती है। उन्होंने कहा कि डॉ. साहब ने शिक्षा को केवल ज्ञान प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र निर्माण का आधार माना।
केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों के संदेश
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर उन्हें अभिवादन करते हुए सभी देशवासियों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि एक उत्कृष्ट शिक्षक बच्चों में सिर्फ ज्ञान और नैतिक आदर्शों का संचार नहीं करता, बल्कि एक मजबूत समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में अद्वितीय योगदान देता है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संदेश में कहा कि शिक्षक जीवन की वह मजबूत नींव होते हैं, जो हमें सही दिशा, प्रेरणा और आगे बढ़ने का आत्मविश्वास देते हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी डॉ. राधाकृष्णन के आदर्शों को याद करते हुए देश के सभी शिक्षकों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।
क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस?
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का मानना था कि देश के सबसे बेहतरीन दिमागों को ही शिक्षक बनना चाहिए। जब वे भारत के राष्ट्रपति बने, तो उनके कुछ छात्रों और दोस्तों ने उनका जन्मदिन मनाने की इच्छा जताई।
तब उन्होंने कहा था कि मेरे जन्मदिन को अलग से मनाने के बजाय अगर 5 सितंबर को ‘शिक्षक दिवस’ के रूप में मनाया जाए, तो यह मेरे लिए गर्व की बात होगी। तभी से हर साल 5 सितंबर को पूरे देश में शिक्षकों के सम्मान में यह खास दिन मनाया जाता है।
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