Swine Flu : उत्तर प्रदेश समेत देश के छह अलग-अलग राज्यों में H1N1 वायरस यानी स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बाद कानपुर का स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह सतर्क हो गया है। संभावित संक्रमण के खतरे को देखते हुए शहर के दो सबसे बड़े अस्पतालों, हैलट और उर्सला में शुरुआती तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रशासन ने दोनों अस्पतालों में 20-20 बेड आरक्षित करने के साथ-साथ जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने के सख्त निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से आसानी से निपटा जा सके।
कानपुर में स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट: अस्पतालों में बढ़ाई गई निगरानी
स्वास्थ्य विभाग ने हैलट और उर्सला समेत अन्य सभी सरकारी और निजी अस्पतालों के डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को विशेष सावधानी बरतने को कहा है। ओपीडी में आने वाले संदिग्ध लक्षणों वाले मरीजों की तुरंत पहचान करने और उनकी जानकारी उच्च अधिकारियों को देने के निर्देश जारी हुए हैं। हैलट के प्रमुख अधीक्षक डॉ. सौरभ अग्रवाल और उर्सला की निदेशक डॉ. सीमा श्रीवास्तव के अनुसार, फिलहाल शहर में कोई पैनिक वाली स्थिति नहीं है, लेकिन संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पहले से ही सुरक्षा चक्र मजबूत कर लिया गया है।
कानपुर में स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट: पहचानें स्वाइन फ्लू के लक्षण
डॉक्टरों के मुताबिक यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या हवा में मौजूद ड्रॉपलेट्स के जरिए तेजी से फैलता है। अगर आपको या परिवार में किसी को तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द और बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस हो रही है, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। खांसी-बुखार के साथ सांस फूलना या सीने में दर्द होना इस बीमारी के गंभीर संकेत हो सकते हैं।
कानपुर में स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट: बचाव के आसान उपाय और सावधानियां
इस संक्रमण से बचने के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रुमाल या टिशू से जरूर ढकें। हाथों की बार-बार सफाई करें और बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी एंटीबायोटिक दवा न लें। छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पुरानी बीमारी से पीड़ित लोगों को संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है, इसलिए उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।







