Sultanpur Weather : अगर आप उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले या उसके आसपास के रहने वाले हैं, तो पिछले कुछ घंटों का मौसम आपके लिए भी किसी आफत से कम नहीं रहा होगा। जिले में अचानक आई भारी बारिश और तेज तूफान ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। हवाएं इतनी तेज थीं कि जगह-जगह बड़े-बड़े पेड़ उखड़ गए, मकान क्षतिग्रस्त हो गए और बिजली का ढांचा बुरी तरह चरमरा गया है। प्रशासन और राहत टीमें मौके पर जुटी हुई हैं, लेकिन नुकसान काफी बड़ा है। आइए, बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि सुल्तानपुर में इस बारिश और तूफान ने कितना नुकसान पहुंचाया है।
42 मकान क्षतिग्रस्त और कई मवेशियों की मौत
प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार शाम तक जिले भर में तूफान की वजह से 42 कच्चे-पक्के मकानों को नुकसान पहुंचा है। कई जगहों पर घर की छतें और दीवारें गिर गईं। इस भयंकर प्राकृतिक आपदा में 7 बेजुबान मवेशियों (पशुओं) की भी जान चली गई है। अचानक आई इस तबाही से कई परिवार बेघर हो गए हैं और खुले आसमान के नीचे या राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं।
सुल्तानपुर बिजली आपूर्ति संकट: 1,000 से ज्यादा पोल टूटे, कई इलाके अंधेरे में
बारिश और तूफान का सबसे बड़ा असर बिजली व्यवस्था पर पड़ा है। जिले में करीब 1,070 बिजली के पोल उखड़ गए हैं और 89 ट्रांसफार्मर पूरी तरह से ठप्प हो गए हैं। मोतिगरपुर और ढेमा क्षेत्र समेत कई इलाकों की लगभग 2 लाख से ज्यादा आबादी पिछले दो दिनों से अंधेरे में रहने को मजबूर है। हालत यह है कि गांवों में बच्चे टॉर्च की रोशनी में पढ़ाई कर रहे हैं। हालांकि, बिजली विभाग के 460 से ज्यादा कर्मचारी और 20 से अधिक मशीनें दिन-रात मरम्मत काम में लगी हुई हैं। 46 में से 21 उपकेंद्रों की सप्लाई बहाल कर दी गई है और धीरे-धीरे बाकी इलाकों में भी बिजली चालू की जा रही है।
सुल्तानपुर फसल नुकसान: धान, केले और गन्ने की खेती बर्बाद
मौसम की इस मार का सबसे बड़ा नुकसान हमारे किसान भाइयों को झेलना पड़ा है। कूरेभार, धनपतगंज, लंभुआ और मोतिगरपुर ब्लॉक क्षेत्रों में धान की 25 से 30 प्रतिशत खड़ी फसल खेतों में बिछ गई है। किसानों की महीनों की मेहनत पानी में बह गई है। इसके अलावा गन्ने की 10 प्रतिशत फसल गिर गई है, वहीं आनापुर जैसे क्षेत्रों में केले के बगीचों को भारी नुकसान पहुंचा है। कई किसानों के सैकड़ों केले के पेड़ तेज हवा में उखड़ कर गिर गए हैं, जिससे उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
सड़कों से हटाए गए पेड़, यातायात कराया गया चालू
तूफान के कारण जयसिंहपुर, बल्दीराय, कादीपुर और लंभुआ तहसील क्षेत्रों में मुख्य सड़कों पर बड़े-बड़े पेड़ गिर गए थे, जिससे आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया था। लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमों ने तत्परता दिखाते हुए सड़कों से गिरे हुए पेड़ों को हटाकर रास्ता साफ किया और यातायात फिर से शुरू कराया। इसके अलावा निगोलिया और धम्मौर जैसे गांवों में हुए जलभराव को भी दूर करने का काम जारी है।

