नई दिल्ली। भारतीय तीरंदाजी के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ते हुए, जम्मू-कश्मीर की 19 वर्षीय तीरंदाज शीतल देवी को ‘विश्व तीरंदाजी’ (World Archery) ने वर्ष 2025 का ‘सर्वश्रेष्ठ पैरा तीरंदाज’ घोषित किया है। बिना भुजाओं के विश्व स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाली शीतल ने पिछले वर्ष दक्षिण कोरिया के ग्वांगझू में आयोजित विश्व पैरा तीरंदाजी चैंपियनशिप में महिला कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर न केवल इतिहास रचा, बल्कि वह ऐसा करने वाली दुनिया की पहली और एकमात्र बिना बाजू वाली तीरंदाज बनीं। वर्ष 2011 से खेल में उत्कृष्टता के लिए दिए जा रहे इन प्रतिष्ठित पुरस्कारों में शीतल का नाम शीर्ष पर चमकना उनकी उस अविश्वसनीय यात्रा का परिणाम है, जिसमें उन्होंने विश्व चैंपियनशिप में रजत और कांस्य के साथ-साथ पेरिस पैरालंपिक्स की मिक्स्ड टीम स्पर्धा में कांस्य, एशियाई पैरा गेम्स-2022 और एशियाई चैंपियनशिप-2023 में भी पदक अपने नाम किए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मान बढ़ाने वाली शीतल के साथ ही पुरुष वर्ग में तुर्कीए के एमिरकान हैनी को ‘वर्ष का सर्वश्रेष्ठ तीरंदाज’, फ्रांस के बैपटिस्ट एडिस को ‘सर्वश्रेष्ठ युवा तीरंदाज’ और कोरिया की रिकर्व पुरुष टीम को ‘वर्ष की सर्वश्रेष्ठ टीम’ के सम्मान से नवाजा गया है, जो इस वैश्विक खेल मंच पर तीरंदाजी के बढ़ते स्तर को प्रदर्शित करता है।