Sambhal जिले में सरकारी जमीनों को कब्जामुक्त कराने के लिए प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में रायसत्ती थाना क्षेत्र के नीमखेड़ा बझेड़ा गांव से एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां चारागाह की जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई एक मजार को प्रशासन ने मंगलवार को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
अगर आप जानना चाहते हैं कि इस पूरी कार्रवाई को किस तरह अंजाम दिया गया, तो आइए इसे आसान शब्दों में समझते हैं।
20 साल पुराना कब्जा और कोर्ट का आदेश
राजस्व अभिलेखों के अनुसार, गांव की गाटा संख्या 118 की लगभग 1.493 हेक्टेयर भूमि चारागाह के रूप में दर्ज है। इस सरकारी जमीन के करीब 50 से 70 वर्ग मीटर हिस्से पर कब्जा करके मजार बना दी गई थी। नायब तहसीलदार के मुताबिक, यह निर्माण करीब 20 साल पुराना था।
मामले की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र के लेखपाल ने रिपोर्ट तैयार की, जिसके आधार पर मामला तहसीलदार कोर्ट में चला। उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 67 के तहत सुनवाई करते हुए कोर्ट ने बेदखली का आदेश जारी किया और 9 जून को मजार हटाने का फैसला सुनाया गया।
मौके पर तैनात रही PAC और पुलिस बल
तहसीलदार न्यायालय से आदेश मिलने के बाद प्रशासनिक टीम दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े इंतजाम किए गए थे। मौके पर तीन थानों की पुलिस के साथ पीएसी बल तैनात किया गया था।
राजस्व विभाग के 6 से ज्यादा कर्मचारी भी पूरी कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर मजार के ढांचे को पूरी तरह हटा दिया गया।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
क्षेत्र में बारिश के कारण हुए जलभराव की वजह से फिलहाल आसपास की अन्य जमीनों की पैमाइश रोक दी गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि पानी कम होते ही सरकारी जमीन पर हो रही अवैध खेती और अन्य कब्जों को हटाने का काम फिर से शुरू किया जाएगा। इस कड़ी कार्रवाई के बाद से इलाके में अवैध कब्जा करने वालों के बीच हड़कंप का माहौल है।
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