Moradabad डिवीजन में रेल यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए रेलवे ने कवच 4.0 सिस्टम की तैनाती के लिए 170 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। कवच सिग्नल की अनदेखी होने पर ट्रेन को रोकने, जरूरत पड़ने पर अपने आप ब्रेक लगाने और मुश्किल हालात में स्पीड कंट्रोल करने में मदद करेगा।
भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने रेल सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। उत्तरी रेलवे के मुरादाबाद डिवीजन में कवच 4.0 सिस्टम की तैनाती के लिए 170 करोड़ रुपए मंजूरी दी हैं। इसके तहत डिवीजन के शेष 712 रूट किलोमीटर रेल खंड पर स्वदेशी कवच सिस्टम लगाया जाएगा। यह जानकारी सरकार की ओर से मंगलवार को दी गई। यह कदम ट्रेन संचालन को अधिक सुरक्षित बनाने और सिग्नल पासिंग एट डेंजर जैसी घटनाओं के जोखिम को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वहीं, रेल मंत्रालय के अनुसार, कवच 4.0 की तैनाती से चिन्हित रेल खंडों में ट्रेन संचालन के दौरान सुरक्षा की एक अतिरिक्त और एडवांस्ड लेयर मिलेगी। तो आखिर कवच 4.0 क्या है और इससे ट्रेनों की सुरक्षा कैसे बढ़ेगी। आइए जानते हैं –
कवच 4.0 की खासियत क्या ?
– ‘कवच’ देश में ही विकसित एक ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (एटीपी) सिस्टम है
– जिसे ऑपरेशनल सुरक्षा बढ़ाने के लिए बनाया गया है
– यह ‘सिग्नल पासिंग एट डेंजर’ यानी SPAD को रोकने में मदद करता है
– वहीं असुरक्षित स्थितियों से बचने के लिए जरूरत पड़ने पर अपने-आप ब्रेक लगाता है
– इसके अलावा मुश्किल हालात में ट्रेन की स्पीड को कंट्रोल करता है
– और ट्रेनों की टक्कर का खतरा काफी कम करता है
– इसे मानवीय त्रुटियों से होने वाले जोखिम को कम करने के लिए डिजाइन किया गया है
मुरादाबाद डिवीजन में कवच 4.0 के विस्तार की यह मंजूरी भारतीय रेलवे की अपने नेटवर्क में कवच कवरेज बढ़ाने की व्यापक योजना का हिस्सा है। इसके साथ रेलवे सिग्नलिंग और ट्रेन सुरक्षा प्रणालियों को आधुनिक बनाने पर भी लगातार काम कर रहा है। स्वदेशी तकनीक के विस्तार से रेल परिचालन की सुरक्षा व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से मजबूत किया जा रहा है।
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