Sambhal में ASI की जमीन पर चला प्रशासन का बुलडोजर: अवैध कब्जे हटाए गए, बेघरों को मिलेगी नई जमीन

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उत्तर प्रदेश के Sambhal जिले में ऐतिहासिक धरोहरों को बचाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। हाल ही में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की संरक्षित भूमि पर सालों से किए गए अवैध निर्माणों को ढहाने की कार्रवाई शुरू की गई है। संभल के सौंधन मोहम्मदपुर गांव में रविवार को प्रशासन की टीम बुलडोजर लेकर पहुंची, जिससे अवैध कब्जा करने वालों में हड़कंप मच गया।

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ऐतिहासिक धरोहर को बचाने की कवायद

यह पूरा मामला Sambhal के प्रसिद्ध कारवां सराय गेट और उससे सटे किले की जमीन से जुड़ा है। हाल ही में जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण विश्नोई ने इस क्षेत्र का निरीक्षण किया था। प्रशासन ने कारवां सराय गेट के जीर्णोद्धार पर करीब 29 लाख रुपये खर्च किए हैं, लेकिन इसके आसपास हुए अतिक्रमण की वजह से इस ऐतिहासिक विरासत को नुकसान पहुँच रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने 3600 वर्ग मीटर में फैले किले के हिस्से से अवैध कब्जे हटाने के कड़े निर्देश दिए थे।

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मौके पर हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई

रविवार दोपहर करीब 3 बजे राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम गांव पहुंची। प्रशासन के सख्त तेवरों को देखते हुए कुछ ग्रामीणों ने खुद ही अपने मकान तोड़ने शुरू कर दिए, ताकि वे अपनी ईंटें और अन्य सामान सुरक्षित बचा सकें। हालांकि, जिन लोगों ने ढिलाई बरती, वहां प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर निर्माण ध्वस्त कर दिए। लेखपाल के मुताबिक, साढ़े पांच बीघा जमीन पर बने इस पुराने किले के बड़े हिस्से पर करीब 30 से 32 लोगों ने अवैध तरीके से मकान बना लिए थे।

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बेघरों के लिए प्रशासन का मानवीय चेहरा

इस कार्रवाई के बीच प्रशासन ने उन गरीब परिवारों का भी ख्याल रखा है जिनके पास रहने का कोई दूसरा ठिकाना नहीं है। लेखपाल नीरज कुमार ने बताया कि लगभग 15 से 16 परिवार ऐसे पाए गए हैं जो भूमिहीन हैं। ऐसे परिवारों को बेघर नहीं छोड़ा जाएगा; उनके लिए ग्राम समाज की जमीन पर गांव में ही 200 गज भूमि आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

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Sambhal की यह कार्रवाई दर्शाती है कि विकास और संरक्षण के लिए नियम कितने जरूरी हैं। जहां एक तरफ ऐतिहासिक धरोहरों को बचाना प्रशासन की प्राथमिकता है, वहीं बेघर हुए असली जरूरतमंदों को जमीन मुहैया कराना एक सकारात्मक कदम है। फिलहाल, अन्य कब्जाधारियों को भी चेतावनी दी गई है कि वे जल्द से जल्द अतिक्रमण हटा लें, वरना आगे भी ऐसी ही कार्रवाई जारी रहेगी।

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