गाजियाबाद के लोनी इलाके से एक ऐसी खबर आई है जिसने सबको सोच में डाल दिया है। सोशल मीडिया और टीवी डिबेट्स में खुद को 'Saleem Vastik' के नाम से पेश करने वाला शख्स असल में एक शातिर अपराधी निकला। जो इंसान यूट्यूब पर धर्म और समाज की बातें करता था, उसके पीछे एक मासूम बच्चे के खून के दाग छिपे थे। दिल्ली पुलिस ने शनिवार को उसे गिरफ्तार कर लिया और पता चला कि वह पिछले 25 सालों से अपनी पहचान बदलकर पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था।
मार्शल आर्ट टीचर से बना अपहरणकर्ता और कातिल
यह मामला साल 1995 का है। उस वक्त सलीम खान (अब Saleem Vastik) दिल्ली के एक स्कूल में बच्चों को मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग दिया करता था। उसी स्कूल में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के एक कारोबारी का 13 साल का बेटा संदीप बंसल भी पढ़ता था। संदीप को क्या पता था कि जिस उस्ताद से वह हुनर सीख रहा है, वही उसकी जान का दुश्मन बन जाएगा। 20 जनवरी 1995 को सलीम ने अपने साथी अनिल के साथ मिलकर संदीप का अपहरण कर लिया।
अपहरण के बाद इन लोगों ने पीसीओ से फोन करके बच्चे के परिवार से 30 हजार रुपये की फिरौती मांगी। जब पिता ने फिरौती नहीं दी, तो सलीम और उसके साथी ने बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी। दिल्ली पुलिस ने तब सलीम को पकड़ा था और उसकी निशानदेही पर बच्चे का शव भी बरामद किया गया था।
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उम्रकैद की सजा और 26 साल लंबी फरारी
संदीप बंसल हत्याकांड में कोर्ट ने साल 1997 में सलीम को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वह जेल गया, लेकिन साल 2000 में उसे कुछ समय के लिए पैरोल मिली। बस यही वह मौका था जिसका फायदा उठाकर सलीम फरार हो गया। इसके बाद वह कभी वापस जेल नहीं लौटा।
अगले 26 सालों तक उसने यूपी के अलग-अलग शहरों जैसे शामली, मुजफ्फरनगर और मेरठ में ठिकाने बदले। वह लगातार अपना नाम और वेशभूषा बदलता रहा ताकि कोई उसे पहचान न सके। आखिर में वह गाजियाबाद के लोनी इलाके की अशोक विहार कॉलोनी में आकर बस गया।
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मौलवी से एक्स-मुस्लिम यूट्यूबर बनने का सफर
गाजियाबाद में रहने के दौरान सलीम ने कई काम किए। पहले उसने कंस्ट्रक्शन का काम किया और कुछ समय तक मौलवी के तौर पर भी सक्रिय रहा। लेकिन करीब 7 साल पहले उसने एक नई पहचान अपनाई। उसने इस्लाम धर्म छोड़ने का दावा किया और खुद को ‘नास्तिक’ बताते हुए अपने नाम के साथ ‘वास्तिक’ जोड़ लिया।
सलीम ने यूट्यूब पर अपना चैनल बनाया और हलाला, तीन तलाक और धार्मिक शिक्षाओं पर वीडियो बनाने लगा। वह अक्सर बड़े टीवी चैनलों पर ‘एक्स-मुस्लिम’ की हैसियत से डिबेट में जाने लगा। उसकी बातों से कई लोग नाराज रहते थे और उसे धमकियां भी मिलती थीं, लेकिन किसी को शक नहीं हुआ कि इस चर्चित चेहरे के पीछे एक भगोड़ा अपराधी छिपा है।
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कातिल पर हुआ था जानलेवा हमला
इसी साल 27 फरवरी को Saleem Vastik एक बार फिर सुर्खियों में आया था। लोनी में उसके ऑफिस में घुसकर दो हमलावरों ने उस पर चाकू से 14 बार वार किए थे। उस वक्त पुलिस ने बताया था कि उसके वीडियो से नाराज होकर दो भाइयों, गुलफाम और जीशान ने उस पर हमला किया था, जिन्हें बाद में पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। उस वक्त हर किसी को लगा कि सलीम अपनी विचारधारा की वजह से निशाना बना है, लेकिन अब उसकी गिरफ्तारी ने पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया है।
Saleem Vastik की गिरफ्तारी यह साबित करती है कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं। भले ही उसने 26 साल तक खुद को एक नई पहचान के पीछे छिपा कर रखा, लेकिन मासूम संदीप बंसल के गुनहगार को आखिरकार अपनी सजा भुगतनी ही होगी। यह मामला समाज के लिए एक सबक है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाला चेहरा हमेशा वैसा नहीं होता जैसा वह खुद को दिखाता है।
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