S Jaishankar : विदेश मंत्री S Jaishankar ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से बातचीत कर काला सागर क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भारत की चिंता जाहिर की है। यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब यूक्रेन के पास एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले में कई लोगों की जान गई, जिसमें भारतीय चालक दल के सदस्य भी शामिल थे। विदेश मंत्री S Jaishankar ने बुधवार को मनीला में आसियान की बैठक के दौरान रूसी विदेश मंत्री लावरोव से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश और ऊर्जा सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। S Jaishankar ने बताया कि उन्होंने काला सागर क्षेत्र में मौजूद भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भारत की चिंताओं को रूस के सामने रखा। इसके साथ ही दोनों नेताओं ने रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर भी अपने विचार साझा किए।
भारत ने यूक्रेन के तट के पास हुए हमले के बाद अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। इस हमले में एक वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाया गया था, जिसमें चालक दल के चार भारतीय सदस्यों समेत कई लोगों की मौत हो गई। भारत का कहना है कि संघर्ष वाले क्षेत्रों में काम कर रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने रूस के सामने यह मुद्दा उठाया है। रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष का असर अब समुद्री रास्तों और व्यापारिक गतिविधियों पर भी देखने को मिल रहा है। काला सागर क्षेत्र में बढ़ते खतरे के कारण वहां काम करने वाले नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। भारत लगातार सभी पक्षों से बातचीत और शांति के रास्ते को आगे बढ़ाने की बात करता रहा है। साथ ही विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
लावरोव से बातचीत के मायने
लावरोव के साथ जयशंकर की यह बातचीत भारत और रूस के बीच लगातार जारी कूटनीतिक संबंधों को भी दिखाती है। दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग जैसे मुद्दों पर नियमित बातचीत होती रहती है। काला सागर क्षेत्र में बढ़ता तनाव अब भारतीय नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा के लिए भी चुनौती बनता जा रहा है। एस जयशंकर और सर्गेई लावरोव की इस मुलाकात के जरिए भारत ने साफ कर दिया है कि अपने लोगों की सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।







