CM Yogi का जलभराव पर निर्देश: मानसून के मौसम में शहरों को जलभराव की समस्या से मुक्त रखने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरी तरह सख्त रुख अपनाए हुए हैं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि महानगर के किसी भी हिस्से में पानी भरने की स्थिति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एनेक्सी भवन सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों, बाढ़ बचाव और जल निकासी की तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने साफ कहा कि अगर जलभराव की समस्या रोकने में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
नालों की सफाई और अतिक्रमण हटाने पर विशेष जोर
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जलभराव से राहत दिलाने का सबसे पहला और मुख्य माध्यम नालों और नालियों की बेहतर सफाई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी छोटे-बड़े नालों की नियमित रूप से सफाई कराई जाए और उन्हें तुरंत अतिक्रमण मुक्त किया जाए।
इसके साथ ही, नालियों के जाम होने का सबसे बड़ा कारण बनने वाले सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर कड़ाई से रोक लगाने को कहा गया है। नए नालों के निर्माण और पुराने नालों की मरम्मत से जुड़े सभी प्रस्तावों को समय पर तैयार कर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और पंपों का बेहतर संचालन
शहर के राप्ती कॉम्प्लेक्स, गोरक्ष एंक्लेव, विजय चौराहा और धर्मशाला जैसे मुख्य और जलभराव के प्रति संवेदनशील इलाकों को लेकर सीएम ने विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नालों की सफाई के बाद उन्हें ढकने का काम भी तेजी से किया जाए।
बारिश के दौरान जल निकासी को सुचारू रखने के लिए नगर निगम के सभी ड्रेनेज पंपों को पूरी क्षमता से चलाने के आदेश दिए गए हैं। आम जनता से भी अपील की गई है कि वे नालियों और नालों में कूड़ा न फेंकें, ताकि पानी का बहाव बाधित न हो।
स्वच्छता अभियान और जनभागीदारी को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने केवल शहरों ही नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी स्वच्छता को नियमित गतिविधि के रूप में चलाने का आह्वान किया। प्रत्येक वार्ड, मलिन बस्तियों और खाली पड़े भूखंडों में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
इस अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी पर बल दिया गया है, ताकि स्वच्छता को लेकर जन-जागरूकता को बढ़ाया जा सके। साथ ही सभी सरकारी भवनों में भी साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की ताकीद की गई है।
नागरिक सुविधाएं, स्वास्थ्य सेवाएं और बाढ़ प्रबंधन
बैठक में सीएम योगी ने शहरी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए स्ट्रीट वेंडरों को व्यवस्थित करने, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को चालू करने और सीसीटीवी कैमरों को अपडेट करने के निर्देश दिए। आवारा पशुओं और बेसहारा गोवंश को सड़कों से हटाकर आश्रय स्थलों तक पहुंचाने की व्यवस्था करने को कहा गया है।
स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम और एंटी रैबीज वैक्सीन की उपलब्धता बनाए रखने को कहा गया है। इसके अलावा, बाढ़ प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में तटबंधों की निरंतर निगरानी, बाढ़ चौकियों को अलर्ट पर रखने और संक्रामक बीमारियों से बचाव की पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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