RJD में पीढ़ी परिवर्तन का ऐलान: तेजस्वी यादव बने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, लालू युग का औपचारिक समापन

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नई दिल्ली। बिहार की राजनीति में बुधवार को एक बड़ा और भावनात्मक बदलाव देखने को मिला। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में दशकों तक चले लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व वाले दौर का औपचारिक समापन हो गया। पार्टी ने नेतृत्व की जिम्मेदारी अगली पीढ़ी को सौंपते हुए तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है। इसे RJD में सत्ता और रणनीति के हस्तांतरण का साफ संकेत माना जा रहा है।

पार्टी के आधिकारिक एक्स (X) हैंडल से घोषणा करते हुए कहा गया,
“एक नए युग की शुरुआत! तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय जनता दल का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।”

लालू-राबड़ी की मौजूदगी में सौंपा गया दायित्व

यह ऐलान RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के उद्घाटन सत्र में किया गया। मंच पर खुद लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी मौजूद रहीं। भावुक माहौल में लालू यादव ने अपने बेटे तेजस्वी यादव को नियुक्ति पत्र सौंपा। इस क्षण को पार्टी के भीतर पीढ़ीगत बदलाव के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।

सर्वसम्मति से हुआ फैसला

RJD प्रवक्ता एजाज अहमद के मुताबिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष की सहमति के बाद प्रस्ताव रखा गया और कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने बिना किसी विरोध के इसे मंजूरी दे दी। उन्होंने कहा कि अब तेजस्वी यादव, पार्टी और राष्ट्रीय अध्यक्ष के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संगठन की रोजमर्रा की राजनीति, रणनीति और बड़े फैसलों में केंद्रीय भूमिका निभाएंगे।

रणनीति, दिशा और फैसलों की कमान तेजस्वी के हाथ

1997 में पार्टी की स्थापना के बाद से अब तक लालू प्रसाद यादव राष्ट्रीय अध्यक्ष की भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे में यह बदलाव सिर्फ एक पद का नहीं, बल्कि एक पूरे राजनीतिक युग के समापन और नए नेतृत्व के उदय का संकेत है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि संगठनात्मक मजबूती, युवा नेतृत्व और भविष्य की चुनावी तैयारियों पर अब तेजस्वी की छाप और स्पष्ट दिखेगी।

नेता प्रतिपक्ष और आगे की राह

तेजस्वी यादव, लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे हैं और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं। फिलहाल वे बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में RJD ने तेजस्वी को ही चेहरा बनाया था। नतीजों के बाद पार्टी में आत्ममंथन चला और अब नेतृत्व परिवर्तन के साथ यह स्पष्ट है कि आने वाले राजनीतिक संघर्षों में RJD पूरी तरह तेजस्वी यादव पर भरोसा जताने जा रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह फैसला RJD को नई ऊर्जा देने के साथ-साथ बिहार की सियासत में आने वाले दिनों में नई ध्रुवीकरण और रणनीतिक बदलाव का संकेत भी देता है।

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