गणतंत्र दिवस के मद्देनजर देशभर में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। किसी भी संभावित आतंकी साजिश को नाकाम करने के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर चौकसी और निगरानी को कई गुना बढ़ा दिया गया है। विशेष रूप से संवेदनशील इलाकों, अंतरराष्ट्रीय सीमाओं और प्रमुख महानगरों में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया गया है।
खुफिया एजेंसियों के इनपुट के आधार पर सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल और निर्णायक कार्रवाई की जाए। गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व के दौरान किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए एयर सर्विलांस, ग्राउंड पेट्रोलिंग और टेक्नोलॉजी आधारित निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
ड्रोन गतिविधियों पर सख्त निगरानी
हाल के वर्षों में ड्रोन के जरिए हथियार, विस्फोटक और नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों को देखते हुए इस बार ड्रोन गतिविधियों पर विशेष फोकस किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने सीमावर्ती इलाकों में संदिग्ध ड्रोन उड़ानों पर तुरंत कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
ड्रोन रोधी सिस्टम, रेडियो फ्रीक्वेंसी जैमर और आधुनिक रडार सिस्टम को सक्रिय कर दिया गया है। किसी भी अनधिकृत ड्रोन को देखते ही उसे निष्क्रिय करने की रणनीति अपनाई जा रही है। एजेंसियों का मानना है कि ड्रोन का इस्तेमाल आतंकी संगठन कम लागत और कम जोखिम के कारण तेजी से बढ़ा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर विशेष अलर्ट
पंजाब, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान से सटे अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर विशेष अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में बीते कुछ समय में ड्रोन के जरिए हथियार, गोला-बारूद और नशीले पदार्थ भेजे जाने के कई मामले सामने आ चुके हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए सीमा सुरक्षा बल (BSF) और अन्य एजेंसियों ने नाइट पेट्रोलिंग, सघन तलाशी अभियान और बॉर्डर फेंसिंग की निगरानी बढ़ा दी है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की घुसपैठ को समय रहते रोका जा सके।
पैरा-ग्लाइडर और हैंग-ग्लाइडर से खतरे की आशंका, आतंकी संगठनों को लेकर गंभीर इनपुट
खुफिया एजेंसियों को मिले इनपुट के अनुसार आतंकी संगठन अब ड्रोन के साथ-साथ पैरा-ग्लाइडर और हैंग-ग्लाइडर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इन माध्यमों के जरिए सीमावर्ती इलाकों में घुसपैठ या विस्फोटक पहुंचाने की साजिश की आशंका जताई गई है। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक लश्कर-ए-तैयबा और कुछ सिख आतंकी संगठनों द्वारा पैरा-ग्लाइडर और अन्य हवाई उपकरणों की खरीद से जुड़े इनपुट सामने आए हैं। इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर माना जा रहा है।
इन सूचनाओं के आधार पर हाई अलर्ट जारी किया गया है और सुरक्षा एजेंसियों को संभावित स्लीपर सेल्स और संदिग्ध नेटवर्क पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। सीमावर्ती राज्यों के साथ-साथ महानगरों में भी इंटेलिजेंस शेयरिंग और कोऑर्डिनेशन बढ़ाया गया है।
हवाई निगरानी और ग्राउंड सिक्योरिटी मजबूत
गणतंत्र दिवस से पहले हवाई निगरानी को और मजबूत किया गया है। ड्रोन रोधी तकनीक, एयर सर्विलांस सिस्टम और रडार नेटवर्क को चौबीसों घंटे सक्रिय रखा गया है।
इसके साथ ही ग्राउंड लेवल पर चेकिंग, नाकेबंदी, वाहन तलाशी और नाइट पेट्रोलिंग को तेज कर दिया गया है। संवेदनशील स्थानों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और एयरपोर्ट्स पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
राजधानी दिल्ली में कड़ी सुरक्षा
गणतंत्र दिवस समारोह को देखते हुए राजधानी दिल्ली में भी सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचा दी गई है। दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बल और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार कर रही हैं।
इसी क्रम में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ 26 जनवरी से पहले राजधानी में अशांति फैलाने की धमकियों के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। अधिकारियों के अनुसार, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से फैलाए जा रहे भड़काऊ संदेशों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ड्रोन, पैरा-ग्लाइडर और अन्य आधुनिक माध्यमों से आतंकी साजिशों की आशंका को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं हैं।
सीमाओं से लेकर राजधानी दिल्ली तक, हर स्तर पर हाई अलर्ट, तकनीकी निगरानी और मानवीय खुफिया तंत्र को मजबूत किया गया है। इन व्यापक इंतजामों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश 26 जनवरी को पूरी शांति, सुरक्षा और गौरव के साथ गणतंत्र दिवस मना सके।
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