Indian Railways : भारतीय रेलवे की टिकट बुकिंग प्रणाली को लेकर अक्सर उठने वाले सवालों पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में स्थिति साफ की है। कांग्रेस सांसद श्यामकुमार बर्वे द्वारा तत्काल टिकटों की कालाबाजारी और दलालों के नेटवर्क का मुद्दा उठाए जाने पर रेल मंत्री ने लिखित जवाब दिया। उन्होंने बताया कि रेलवे का टिकट बुकिंग सिस्टम पूरी तरह मजबूत, आधुनिक और सुरक्षित साइबर सुरक्षा तकनीकों से लैस है। दलालों और अनधिकृत एजेंटों पर नकेल कसने के लिए प्रणाली में कई बड़े बदलाव किए गए हैं।
Indian Railways तत्काल बुकिंग के लिए सत्यापन अनिवार्य और फर्जी आईडी पर कार्रवाई
रेल मंत्री ने बताया कि फर्जी और अवैध तरीके से टिकट बुक करने वाले एजेंटों को रोकने के लिए व्यवस्था में सुधार किया गया है। अब केवल सत्यापित यात्रियों को ही ऑनलाइन तत्काल टिकट बुक करने की अनुमति दी जा रही है। इसके साथ ही, दलालों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए बड़े पैमाने पर डिजिटल सफाई अभियान चलाया गया। साल 2025 से जून 2026 तक लगभग 3.04 करोड़ संदिग्ध यूजर आईडी को निष्क्रिय किया गया है और 6.22 करोड़ आईडी को दोबारा सत्यापन की प्रक्रिया में डाला गया है। आरपीएफ ने भी 2021 से जून 2026 के बीच 22,676 दलालों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की है।
बौद्ध स्थल श्रावस्ती परियोजना और अन्य रेल अपडेट
संसद में रेल मंत्री ने अन्य रेल परियोजनाओं की प्रगति का ब्योरा भी साझा किया। बौद्ध पर्यटन स्थल श्रावस्ती को रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली 240 किलोमीटर लंबी बहराइच-खलीलाबाद नई लाइन का काम तेजी से चल रहा है। 4,940 करोड़ रुपये की इस विशेष परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का बड़ा काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा, द्रमुक सांसद वी.एस. मथेश्वरन के सवाल पर उन्होंने जानकारी दी कि पिछले 12 वर्षों में 336 रेल अधिकारियों ने नियमानुसार पैलेस ऑन व्हील्स जैसी लग्जरी ट्रेनों में यात्रा की, जबकि गति शक्ति कार्गो टर्मिनलों ने माल परिवहन में बेहतर प्रदर्शन किया है।
सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पर सख्त रुख
इसी सत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) से जुड़े विज्ञापनों पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। इस मामले में संबंधित प्लेटफॉर्म्स और मेटा को नोटिस जारी कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है, ताकि ऐसे अपराधों पर तुरंत रोक लगाई जा सके।







