PM MODI fast track court: देश भर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि paper leak के मामलों में शामिल दोषियों को जल्द से जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए विशेष fast track court बनाए जाएंगे। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया है कि देश के युवाओं का भविष्य और उनका हित सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
इस घोषणा के बाद जहां एक तरफ अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, वहीं दूसरी तरफ इस पर सियासत भी शुरू हो गई है।

सरकार ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए लिखा कि युवाओं के कल्याण से बढ़कर कुछ नहीं है। उन्होंने बताया कि पेपर लीक जैसे मामलों की सुनवाई में देरी न हो, इसके लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
पीएम मोदी ने संबंधित विभागों और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे fast track court के गठन की प्रक्रिया को तेजी से लागू करने के लिए सभी जरूरी कार्रवाई करें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। सरकार का मानना है कि इन विशेष अदालतों के बनने से मुकदमों का निपटारा तेजी से होगा और दोषियों को सख्त सजा मिल सकेगी।
पिछले कुछ समय से लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं से देश के लाखों अभ्यर्थियों का मनोबल गिरा है। ऐसे में सरकार की ओर से फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला एक प्रशासनिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ये फास्ट ट्रैक कोर्ट कितनी जल्दी काम शुरू करते हैं और युवाओं को कब तक इंसाफ मिल पाता है।
यह भी पढ़ें: Mathura में Mudiya Purnima Mela का शुभारंभ, 1.5 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान







