Mathura: करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र गिरिराज धाम में प्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेला (Mudiya Purnima Mela) आज 23 जुलाई से विधिवत रूप से शुरू हो चुका है। 30 जुलाई तक चलने वाले इस धार्मिक उत्सव में देश-विदेश से लाखों भक्तों का गोवर्धन पहुंचना शुरू हो गया है। इस दौरान देश-विदेश से लगभग 1.5 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। मेले के पहले ही दिन से गोवर्धन धाम की गलियों और परिक्रमा मार्ग में आस्था का अद्भुत सैलाब नजर आ रहा है।
प्रशासन ने इस बार श्रद्धालुओं की सहूलियत को देखते हुए दंडवती परिक्रमा और ई-रिक्शा समेत सभी प्रकार के छोटे-बड़े वाहनों पर पूरी तरह रोक लगा दी है। आइए जानते हैं कि इस बार मेले की सुरक्षा और मैनेजमेंट के लिए क्या-क्या खास कदम उठाए गए हैं।
9 सुपर जोन और 62 सेक्टर में बंटा पूरा मेला क्षेत्र
भीड़ को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे मेला क्षेत्र को 9 सुपर जोन, 21 जोन और 62 सेक्टर में विभाजित किया गया है। हर जोन और सेक्टर में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम द्वारा लगभग 1100 रोडवेज बसों का संचालन किया जा रहा है। वहीं रेलवे ने भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया है।
Hightech CCTV कैमरों और Watch Tower से निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता रखने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। संवेदनशील जगहों पर 31 वॉच टावर बनाए गए हैं, जहां से पुलिसकर्मी भीड़ पर नजर रख रहे हैं। इसके अलावा 183 सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे कंट्रोल रूम से निगरानी की जा रही है। श्रद्धालुओं को रास्ते या अन्य जानकारी देने के लिए 350 लाउडस्पीकर (पीए सिस्टम) भी लगाए गए हैं।
मेला क्षेत्र में 6 स्थायी और 37 अस्थायी पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग, पेयजल, विद्युत निगम और सफाई विभाग आपस में तालमेल बनाकर काम कर रहे हैं, ताकि भक्तों को परिक्रमा के दौरान पानी, रोशनी या इलाज से जुड़ी कोई परेशानी न झेलनी पड़े।







